संतकबीरनगर। संयुक्त जिला अस्पताल में सामान्य रेट पर मरीजों को दवा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया था। पिछले वर्ष अगस्त में ही इस केंद्र का उद्घाटन हुआ था। परंतु बीते तीन महीने से यह केंद्र दवाइयों के अभाव में बंद है। मजबूरी में गरीबों को महंगे दर पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।
केंद्र सरकार ने मरीजों को सस्ती से सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए हर जिलों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला था। संतकबीरनगर के संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में इस केंद्र का उद्घाटन अगस्त महीने में सांसद शरद त्रिपाठी ने किया था। उस समय इस केंद्र पर दवाएं उपलब्ध थी। मरीजों को कम कीमत पर दवा मिलने से उन्हें राहत मिल रही थी। कुछ महीनों तक जन औषधि केंद्र पर दवाएं मिली पर धीरे-धीरे दवाएं कम होने लगी। पिछले अप्रैल महीने में इस केंद्र पर ताला लटक गया। अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मेंहदावल के जय प्रकाश ने बताया कि पहले यहां पर सस्ते दामों पर दवा मिलती थी पर यह केंद्र बंद हो गया है। अब बाहर से ही दवा खरीदनी पड़ेगी जो काफी महंगी है। बेलहर कला निवासी संजय का कहना था कि अस्पताल के दवा काउंटर पर पूरी दवा नहीं मिलती है। कुछ दवाएं बाहर से लेनी पड़ती है। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर दवाएं सस्ती मिल रही थी, पर इसके बंद होने से गरीब मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. हर गोविंद सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के संचालक ने दवा न मिलने और काम न करने की बात बताई है। जल्द ही दूसरा कोई विकल्प तलाश कर जन औषधि केंद्र को संचालित कराया जाएगा।