संतकबीरनगर। भारतीय तैलिक साहू राठौर महासंघ के बैनर तले सोमवार को साहू समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने जस्टिस जी.रोहणी समिति की रिपोर्ट को अन्याय एवं तर्कहीन बताया।
संगठन के जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि साहू जाति की मूल जाति तेली है, जिसकी देश में कुल आबादी छह प्रतिशत है। समाज की सामाजिक दशा अनुसूचित जाति से भी गई गुजरी है। आजादी के बाद से ही साहू जाति यानी तेली को पिछड़ी जाति में आरक्षण का लाभ नहीं के बराबर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में सामाजिक न्याय समिति के अध्यक्ष हुकुम सिंह के नेतृत्व में अनुसूचित जाति एवं पिछड़ी जाति को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया था, जिसमें साहू समाज को सर्वाधिक पिछड़ी जाति में रखा गया था। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को देकर दुबारा सर्वेक्षण कराने की मांग की गई। प्रदर्शन में संतराम गुप्ता, मदनलाल साहू, धर्मेंद्र कुमार साहू, रमेश साहू, राजीव गुप्ता, दिलीप गुप्ता, गौतम गुप्ता, धीरज गुप्ता, रामानंद गुप्ता, राजेंद्रथ प्रसाद साहू, रंजीत कुमार साहू, राम पुरुषोत्तम गुप्ता और सिंघल गुप्ता आदि शामिल थे।
पुल निर्माण के लिए आंदोलन को और तेज करेंगे
कांटे। कठिनइया नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को 20वें दिन भी जारी रहा। जल सत्याग्रह/जल समाधि संघर्ष मोर्चा असनहरा घाट के संयोजक शैलेश कुमार राजभर ने कहा कि पुल निर्माण में देरी के लिए अधिशासी अभियंता जिम्मेदार हैं। सरोजा राजभर ने कहा कि आंदोलन को तेज करने के लिए गांव में कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इस दौरान सुभासपा जिलाध्यक्ष रवि शंकर राजभर, जिला कोआर्डिनेटर सतीश राजभर, देवीशरण गौंड, रामकेश, रामचेत, सुखराम, रामहरीश, पांचू, बुद्धू, शिवपूजन और कोमल आदि मौजूद थे।