संतकबीरनगर। मानदेय बढ़ाए जाने समेत अन्य मांगो को लेकर आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले प्रेरकों ने शुक्रवार को शहर में अर्धनग्न होकर भिक्षाटन किया। प्रेरकों ने सीएम के नाम संबोधित अपनी आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन कलेक्ट्रेट पर जाकर प्रशासनिक अधिकारी को दिया।
प्रेरक सुबह 10 बजे बजंरिया मोहल्ले में इकट्ठा हुए। उसके बाद पैदल मार्च करते हुए शहर में भिक्षाटन किया। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रामहित चौहान ने कहा कि साक्षर भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतो में दो-दो प्रेरकों की नियुक्ति हुई। प्रेरक चुनावी ड्यूटी, साक्षरता, विधिक साक्षरता, पल्सपोलियों, बीएलओ आदि कार्यो में सहभागिता निभाते हैं। 32 माह से उन्हें मानदेय नहीं मिला है, जिससे प्रेरक व उनका परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। मानदेय बढ़ोत्तरी को लेकर कई बाद प्रदेश सरकार का ध्यान आकृष्ठ कराया गया, पर सरकार ने नहीं सुनी। मानदेय की मांग को लेकर पांच सितंबर को लखनऊ के चार बाग स्टेशन पर इकट्ठा हुए तो प्रशासन ने रास्ते में रोककर बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज कर दिया, जिससे कई प्रेरक घायल हो गए। यदि हक मांगना जुर्म है तो इस सरकार में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से 32 माह का मानदेय दिलाए जाने की मांग की है। इस अवसर पर इंद्रावती देेवी, सुनील कुमार यादव, सुभाष मौर्य, योगेश श्रीवास्तव, उदय भान, अफरोज जहां, शिवचरन यादव, बालगोविंद मौर्य, लालजी प्रसाद, हनुमान प्रसाद, आनंद स्वरूप त्रिपाठी समेत अन्य मौजूद रहे।
इंसेट
प्रेरको की ये है मांगें
1-प्रेरको को परिषदीय विद्यालय में शिक्षणेत्तर कर्मचारी के पद पर समोयोजित किया जाए।
2-समायोजन न होने तक मासिक मानदेय दो हजार की जगह 15 हजार किया जाए।
3-प्रेरको का मानदेय ऑनलाइन किया जाए।
4-अवशेष मानदेय का एक मुश्त भुगतान किया जाए।
5-लोक शिक्षा केंद्र का संचालन करने के लिए मिलने वाले बजट का समय से भुगतान हो।
6-प्रेरको का नवीनीकरण प्रक्रिया समाप्त किया जाए।
7-प्रेरको के मानदेय का भुगतान परिषदीय शिक्षको की भांति प्रपत्र नौ के आधार पर किया जाए।
8-प्रेरकों का आकस्मिक अवकाश व महिला प्रेरकों का प्रसूता अवकाश दिया जाए।