जूनियर हाईस्कूल, जो एक ही परिसर में संचालित हो रहा है।
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संतकबीरनगर। एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल को एक प्रधानाध्यापक के जरिए संचालित करने आदेश जारी होने के बाद के जिले में 225 हेडमास्टर अपने पद से हटा दिए जाएंगे। ऐसे में कुछ हेडमास्टरों का रुतबा घटेगा तो कुछ का बढ़ेगा। आदेश जारी होने के बाद प्रधानाध्यापकों को पद जाने की चिंता सताने लगी है।
शासन ने एक ही परिसर में संचालित होने वाले प्राथमिक विद्यालय और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों का संचालन एक साथ करने का निर्देश जारी किया है। इसके तहत संबंधित विद्यालय में एक ही प्रधानाध्यापक तैनात किए जाएंगे। बाद में इन विद्यालयों की प्रबंध समितियों को भंग करके नई प्रबंध समिति का भी गठन किया जाएगा। एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों को एक में समायोजित करके दोनों विद्यालयों में जो सबसे वरिष्ठ शिक्षक होंगे उन्हीं को प्रधानाध्यापक का दायित्व सौंपा जाएगा। दोनों विद्यालयों का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार एक ही प्रधानाध्यापक के पास होगा। हालांकि अन्य शिक्षक जैसे हैं, उसी अनुरूप कार्य करेंगे। जिले में कुल 1605 परिषदीय विद्यालय हैं, जिनमें से 225 प्राथमिक और जूनियर विद्यालय ऐसे हैं, जो एक ही परिसर में संचालित होते हैं और शासन के नए निर्देश से सीधे प्रभावित होंगे। इन स्कूलों में प्राथमिक व जूनियर के वरिष्ठ प्रधानाध्यापक अथवा वरिष्ठ शिक्षक को ही दोनों विद्यालयों का चार्ज मिलेगा। ऐेसी स्थिति में इन सभी 225 स्कूलों से एक-एक हेडमास्टर का पद खत्म हो जाएगा। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में जो भी सीनियर हेडमास्टर अथवा शिक्षक हैं उन्हें ही दोनों विद्यालयों का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार दिया जाएगा। इसके लिए समस्त बीईओ को निर्देश जारी कर दिया गया है।