संतकबीरनगर। जिले को ओडीएफ घोषित करने से पहले जिला स्तरीय कमेटी की तरफ से होने वाली जांच अफसरों की लापरवाही के चलते लंबित है। एक पखवारा पहले गांव आवंटन होने के बाद भी अफसरों ने अब तक सत्यापन रिपोर्ट नहीं दी है। 40 अफसर तो ऐसे हैं, जिनकी तरफ से अभी तक एक भी गांव की सत्यापन रिपोर्ट नहीं आई है। डीएम ने ऐसे अफसरों को रविवार की शाम पांच बजे कलेक्ट्रेट सभागार में अपनी रिपोर्ट के साथ बुलाया है। साथ ही उन्हें रिपोर्ट में देरी के लिए स्पष्टीकरण भी देना होगा।
जिले के सभी 794 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालय निर्माण का कार्य चल रहा है। पंचायतीराज विभाग की एमआईएस रिपोर्ट के अनुसार 233160 शौचालयों का निर्माण हो चुका है। एमआईएस डाटा के आधार पर ही पंचायतीराज विभाग ने सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित करने का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा है। जिले को ओडीएफ घोषित करने से पहले जिला स्तरीय टीम से सत्यापन कराया जाना है। इसके लिए 64 टीमों में 128 अफसर लगाए गए हैं। प्रत्येक टीम में दो अफसर हैं, लेकिन जांच टीम ने अभी तक अपनी सत्यापन रिपोर्ट नहीं दी है। शुक्रवार शाम सात बजे तक 40 टीमों के अफसरों की जांच रिपोर्ट सीडीओ तक नहीं पहुंची थी। सीडीओ हाकिम सिंह ने बताया कि शुक्रवार की शाम सात बजे डीएम ने सत्यापन रिपोर्ट समीक्षा की जिसमें इन जांच टीमों व अफसरों की लापरवाही सामने आई। सभी को पांच-पांच गांव की सत्यापन रिपोर्ट रविवार की शाम पांच बजे तक कलेक्ट्रेट सभागार में जिमा करना है। सीाथ ही उन्हें जांच व रिपोर्ट में देरी का कारण भी डीएम के सामने स्पष्ट करना होगा। इस निर्देश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
इन अफसरों ने नहीं दी रिपोर्ट
परियोजना निदेशक डीआरडीए, उपायुक्त मनरेगा, अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, उप निदेशक कृषि, खाद्य विपणन अधिकारी, सीडीपीओ बेलहर कला के अलावा एडीसीओ रवि कुमार व सुभाषचंद्रा, डिप्टी सीवीओ डॉक्टर ओमप्रकाश व डॉक्टर अरविंद कुमार, एडीएसटीओ आदित्य नारायण की रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है। इसके अलावा बघौली ब्लाक की टीम नंबर चार, बेलहरकला ब्लॉक की टीम नंबर दो, चार, पांच व सात, हैंसर बाजार ब्लॉक की टीम नंबर चार, छह व सात, खलीलाबाद ब्लॉक की टीम नंबर तीन व चार, मेंहदावल ब्लॉक की टीम नंबर एक से छह तक, नाथनगर ब्लॉक की टीम नंबर दो, चार व छह, पौली ब्लॉक की टीम नंबर दो, चार, पांच व छह, सांथा ब्लॉक की टीम नंबर चार व छह, सेमरियांवा ब्लॉक की टीम नंबर तीन व पांच ने भी अपनी जांच रिपोर्ट नहीं दी है।