बाघनगर (संतकबीरनगर)। डीपीओ वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने सोमवार को सेमरियावां सीडीपीओ कार्यालय व छह आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच की। जांच में सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले और पांच सुपरवाइजर गायब मिली। डीपीओ ने सभी का एक दिन का वेतन काटने के साथ स्पष्टीकरण की मांग की। संतोषजनक जवाब न देने पर सभी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।
सबसे पहले डीपीओ बूधाकला गांव के तीन आगंनबाड़ी केंद्र पहुंचे, उसके बाद सौरहा गांव के दो आंगनबाड़ी केंद्र व नबीपुर गांव का आंगनबाड़ी केंद्र गए, जहां सभी बंद मिले, जबकि माह के प्रत्येक 15 को केंद्रों पर पोषाहार वितरित करने को शेड्यूल होता हैं। लापरवाही बरतने पर बूधाकला गांव के तीनों केंद्रों की आंगनबाड़ी वर्कर पुष्प मंजरी, राजेश्वरी, साधना व सौरहा केंद्र की वर्कर प्रभु देवी, सरिता पांडेय और नबीपुर केंद्र की वर्कर रेनू गुप्ता को स्पष्टीकरण मांग जाने का निर्देश दिया। सेमरियावां सीडीपीओ कार्यालय पहुंचने पर बिना किसी सूचना के पांच सुपरवाइजर गैर हाजिर मिली। सुपरवाइजरों से फोन करके पता किया गया तो घर पर होने की बात कही। जिससे सुपरवाइजर शकीला खातून, स्नेहलता, लीलावती, रागिनी गौड़, शांति मिश्रा को एक दिन का वेतन काटे जाने व स्पष्टीकरण दिए जाने की बात कही हैं। जनवरी माह का पोषाहार वितरण न होकर स्टोर में पड़े होने पर नाराजगी जतायी और तत्काल वितरण किए जाने का निर्देश दिया हैं। इस दौरान सीडीपीओ संजय कुमार, लिपिक अवधेश नरायन गौड़ मौजूद रहें।