संतकबीरनगर। परिवार नियोजन को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार भले ही गंभीर हो, लेकिन जिले में स्वास्थ्य विभाग सरकार की मंशा पर पानी फेर रहा है। इसकी बानगी शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद में देखने को मिली, जहां नसबंदी कराने के लिए 52 महिलाएं पहुंची, लेकिन 15 महिलाओं को निराश होकर लौटना पड़ा। इससे जहां महिलाओं का आने-जाने का किराया बेकार गया, वहीं प्रेरक के रूप में महिलाओं के साथ आई आशा कार्यकर्ताओं में आक्रोश दिखा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद पर पहले सप्ताह में मंगलवार व शुक्रवार दो दिन नसबंदी होती थी, लेकिन सर्जन की कमी बताकर विभागीय अधिकारियों ने मंगलवार को जिला चिकित्सालय व शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद पर नसबंदी कराने का फरमान जारी कर दिया। अब शुक्रवार को भी नसबंदी कराने आने वाली महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को खलीलाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुल 52 महिलाएं नसबंदी कराने के लिए आई, जिसमें से मात्र 37 महिलाओं की नसबंदी के लिए फार्म भरवाया गया। महिलाओं को बताया गया कि मानक के अनुसार एक दिन में एक सर्जन 30 महिलाओं की ही नसबंदी कर सकते हैं। इस संबंध में जब कुछ महिलाओं ने आपत्ति की और कहा कि किराया खर्च कर दूर दराज से आई है तो अधिकारियों से बात करने को कहा गया। कुछ लोगों ने सीएमओ से बात की तो उन्होंने भी ऑपरेशन करवाने से इंकार कर दिया। इसको लेकर लोगों में आक्रोश दिखा। इस संबंध में सीएमओ डॉ. अभयचंद्र श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सर्जन की कमी है। इसके कारण दिक्कत है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सर्जन की कमी दूर कराई जाएगी।