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शांति पूर्वक तरीके से 730 मूर्तियां हुई विसर्जित

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संतकबीरनगर। जनपद में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं में से 730 मूर्तियों का विसर्जन विजयदशमी के दिन शनिवार और रविवार को नदियों के बगल में प्रशासन की ओर से बनवाए गए गड्ढे में देर रात तक शांतिपूर्ण ढंग से किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने उत्साह पूर्वक जुलूस निकाला और नाचते-गाते मूर्तियों को लेकर घाट पर पहुंचे। जगह-जगह दशहरे के अवसर पर आयोजित होने वाले मेले में काफी रौनक रही।
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जिला मुख्यालय पर शनिवार की देर शाम तक मूर्तियां नगर परिक्रमा के बाद मगहर के लिए प्रस्थान कीं जिन्हें आमी नदी तट पर बनवाए गए गड्ढे में विसर्जन किया गया। मगहर प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार को आयोजक समिति के सदस्य मूर्तियों के साथ कसबे का भ्रमण करते हुए देर रात आमी नदी के तट पर मूर्तियों का विसर्जन शांतिपूर्ण माहौल में किए। बघौली प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र की प्रतिमाओं का विसर्जन आमी नदी के तट पर बालूशासन घाट पर बने गड्ढे में शांतिपूर्ण ढंग से संपंन हुआ। बेलहर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन आमी नदी के राजघाट, पड़रिया घाट व गोनहा घाट पर बने गड्ढे पर हुआ। बखिरा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में स्थापित करीब डेढ़ दर्जन मूर्तियों का विसर्जन ढोढया स्थित झील के पास बने गड्ढे में हुआ। इस बीच शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में दशहरा पर्व की रौनक बाजारों में दिखी।
खलीलाबाद में नगर परिक्रमा के लिए निकली मूर्तियों के मां समय जी, रामजानकी मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर द्वारा स्थापित प्रतिमा व उसके पीछे अन्य दुर्गामंडपों की प्रतिमाएं निकलीं। जिनके पीछे नवयुवकों की टोलियां भक्ति गीतों के धुन पर नृत्य करती हुई देखी गई। अपने दरवाजे से होकर जाने पर श्रद्धालु मूर्तियों के जुलूस के देख रहे थे। मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार कसबे में नगर परिक्रमा के बाद प्रतिमाओं का शांतिपूण ढंग से राप्ती और बखिरा झील पर बने गड्ढे में विसर्जन हुआ। सांथा प्रतिनिधि के अनुसार सांथा, गनवरिया, निघुरी में स्थापित मूर्तियों का विसर्जन झुडिया नाला पर विसर्जित हुई। धर्मसिंहवा प्रतिनिधि के अनुसार देवी की प्रतिमा छिबरा, गौरीराई, धर्मसिहवा, पुनया, बढय़ा मेंहदूपार की गांव में भ्रमण के बाद बूढ़ी राप्ती में बने गड्ढे में विसर्जित की गईं।
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धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र में कुल 144 दुर्गा प्रतिमाएं स्थपित थी। जिसमे से 125 प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। शेष पांच अक्टूबर को होगा। हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार, घाघरा व कुआंनों नदी के विभिन्न तटो पर मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित की गई। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि जनपद में 794 मूर्तियां स्थापित थीं। शांतिपूर्ण माहौल में शनिवार को 715 प्रतिमाएं और रविवार को 15 प्रतिमाएं विसर्जित हुई हैं। शेष प्रतिमाओं का विसर्जन पांच अक्टूबर को पूर्णिमा को होगा।
पुरस्कार के लिए प्रतिमाओं का चयन
मेंहदावल नगर में पुरस्कार के लिए प्रतिमाओं का चयन किया गया। प्रतिमाओं के साथ ही जुलूस में शामिल लोगों के व्यवहार आदि के आधार पर चयन की कार्रवाई की गई। इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनी। कमेटी में रमेश सिंह, डॉ एसके भारती, पंडित रवि शंकर मिश्र, मोहम्मद अहमद, राजन सिंह शामिल रहे। प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करने वाली मूर्तियों और आयोजकों को तीन अक्टूबर को सम्मानित किया जाएगा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने किया शस्त्र पूजन
मेंहदावल। राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ द्वारा मेंहदावल नगर के ठाकुरद्वारा स्थित शिव मंदिर परिसर में विजय दशमी पर्व पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि सहप्रांत प्रचारक सुभाष जी रहे। उन्होंने सनातन धर्म संस्कृतिक के साथ हिंदुत्व की व्याख्या करते हुए राष्ट्र शक्ति के प्रति युवाओं का आह्वान किया। इस दौरान रमेश सिंह, अजीत सिंह, रमाकांत शुक्ला, राजेश सिंह, संजय सिंह बबलू, दीनानाथ राय, पवन त्रिपाठी, भूपेंद्र त्रिपाठी, राजेश त्रिपाठी, मनीष हिंदू, शिवप्रताप सिंह, अतुल सिंह, देवी प्रसाद अग्रहरि, रविंद्र लोहिया, केदार अग्रहरि, परमात्मा सिंह, अजय गुप्ता, इंद्रसेन सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
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