ग्राम पंचायतों के खर्च का तुरंत मिलेगा विवरण
पीएफएमएस सिस्टम के लिए कई खाते पहले ही हो चुके हैं आनलाइन
डीपीआरओ कार्यालय से हर खाते पर रख सकेगा पूरी निगरानी
उदयभान त्रिपाठी
संतकबीरनगर। धन खर्च करने में अव्वल लेकिन आंकड़े बताने में पीछे ग्राम पंचायतों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। पीएफएमएस (पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए जल्दी ही ग्राम पंचायतों के सभी खाते आनलाइन हो जाएंगे। इसके बाद खाते में भेजी गई धनराशि और खर्च की गई धनराशि का ब्योरा तुरंत ही मिल जाएगा।
केंद्र सरकार ने सरकारी विभागों व योजनाओं का धन सीधे लाभार्थी तक पहुंचाने के लिए पीएफएमएस (पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम) लागू किया था। सबसे पहले इसकी शुरूआत मनरेगा से हुई थी, बाद में पेंशन में भी इसे लागू किया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास के लिए भी इसका उपयोग किया गया। अब पंचायतीराज विभाग इस सिस्टम के लिए अपने ग्राम पंचायतों का खाता आनलाइन कर रहा है। डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि ग्राम पंचायत निधि प्रथम, राज्य वित्त और चौदहवें वित्त का खाता पहले ही आनलाइन किया जा चुका है। अब ग्राम पंचायत निधि छह का खाता भी आनलाइन किया जा रहा है। इसके लिए ग्राम पंचायतों का खातों का विवरण जुटाया जा रहा है।
ग्राम पंचायतों से मांगी गई डिटेल
ग्राम पंचायत निधि छह का खाता पीएफएमएस पोर्टल पर आनलाइन करने के लिए ग्राम पंचायतों को 16 बिंदुओं का डिटेल देना है। इसमें ग्राम पंचायत का एलजीडी कोड, जिला, ब्लाक, ग्राम पंचायत, ग्राम पंचायत सचिव का नाम, ग्राम प्रधान का नाम, सेक्रेटरी का मोबाइल नंबर, ग्राम प्रधान का मोबाइल नंबर, ग्राम निधि छह के लिए बैंक नाम, बैंक शाखा का पता, खाता नंबर, आईएफएससी कोड, ग्राम पंचायत का पता, पिन कोड और ग्राम पंचायत की ईमेल आईडी आदि
इससे खातों के निगरानी में होगी आसानी-डीपीआरओ
डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि पीएफएमएस सिस्टम के जरिए ग्राम पंचायतों का समस्त खाता आनलाइन होने के चलते खाते में भेजी गई धनराशि व निकाली गई धनराशि का विवरण तुरंत मिल जाएगा। हर सप्ताह खातों का विवरण अपडेट होता रहेगा। जांच के दौरान ग्राम पंचायत का समस्त विवरण पहले से उपलब्ध रहेगा। खाता आनलाइन के लिए कम्प्यूटर आपरेटरों को प्रशिक्षण दिया गया है।