संतकबीरनगर। शारदीय नवरात्र पर दुर्गा पूजन के लिए शहर से लेकर गांव तक जगह-जगह सजाए गए पंडालों में आयोजकों ने सुरक्षा मानकों का तनिक भी ध्यान नहीं रखा है। कहीं पंडाल के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं तो कहीं सड़क से बिल्कुल सटा करके को पंडाल बना दिया गया है। एहतियात के तौर क्षेत्र जिम्मेदार भी बेखबर बने हुए हैं। लोगों का कहना कि दुर्गा पंडाल के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए।
शहर के समय माता मंदिर, उस्काकला की वन देवी, लहुरादेवा की समय माता मंदिर, कोपिया की समय माता, बरईपार की हट्ठी देवी, मेंहदावल की नगर वाली माता और बाराखाल देवी मंदिर समेत सभी देवी स्थानों पर पंडाल सजाए गए हैं। जहां पर प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु पूर्जा-अर्चना के लिए जुट रहे हैं। लिहाजा भोर होते ही शहर में भक्ति गीतों से माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो जाता है। नौ दिन तक व्रत रखने वाली महिलाएं व पुरूष श्रद्धा व भक्ति के माहौल में परिवार में नवचेतन संचार व कल्याण के लिए आराधना करते हुए खुशहाली की कामना करते हैं।
यही नहीं, खलीलाबाद शहर के बरदहिया बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के पास भव्य रूप से झोपड़ी मॉडल का पांडाल सजाया जा रहा है। इसकी लागत करीब एक लाख बताई जा रही है। लोगों का कहना कि पंडालों के पास पानी के टैंकर के साथ ही रेत से भरी बाल्टी होनी चाहिए। इसके अलावा बिजली के खुले हुए तारों को पूरी तरह से ढक दिया जाए। जिससे हादसे होने की संभावना न रहे।