रोसया बाजार (संतकबीरनगर)। क्षेत्र के गोविंदगंज बाजार में शुक्रवार से श्रीराम कथा की शुरूआत की गई। कथावाचक ने पहले दिन ईश्वर का बखान करते हुए कहा कि अविश्वास के चलते ही कष्ट भोगना पड़ता है। श्रीराम पर अविश्वास होने के चलते सती को वियोग झेलना पड़ा।
कथावाचक बिंदु शास्त्री ने कहा कि कुंभज (अगस्त) ऋषि के यहां कथा सुनने के लिए भगवान शंकर के साथ माता सती भी रुप बदलकर गई थीं। श्री राम के साक्षात नारायण स्वरूप होने की बात सुनकर उन्हें विश्वास नहीं हुआ और माता सीता की खोज में भटक रहे भगवान श्रीराम की परीक्षा लेने चलीं गईं। भगवान श्री राम के सामने देवी सीता का रूप धारण कर प्रस्तुत हुई सती को भगवान ने पहचान लिया और माता कहकर प्रणाम किया। दुखी और निराश होकर माता सती भगवान भोलेनाथ के पास पहुंचीं। भोलेनाथ ने सती को त्याग दिया था। इस दौरान कथा स्थल पर गिरीश चंद्र अग्रहरी, सुभाष चंद्र, उत्तम कुमार, राजकुमार, चंदू यादव, राम यज्ञ, बबलू, प्रेमचंद, कमलेश तिवारी, शिव कुमार मौर्य, उदयराज आदि मौजूद रहे।