बतादें कि परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को सप्ताह के बुधवार को दूध का विरतण किया जाता है। स्कूल पहुंचते ही बच्चों को एक गिलास दूूध दे दिया जाता है। इसकी मानीटरिंग भी की जाती है।
इसके साथ ही इसकी सूचना एमडीएम के वेबसाइट पर भी जाती है। मध्याहन भोजन प्राधिकरण की वेबसाइट दैनिक अनुश्रवण प्रणाली पर बुधवार को 121 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को दूध का वितरण नहीं किए जाने की सूचना है।
जबकि दूध वितरण शासन की प्राथमिकता में है। दूध वितरण न करने वालों बघौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय जंगल कला, बदरा समेत 16 विद्यालय, बेलहर कला के प्राथमिक विद्यालय जंगल बेलहर समेत 13 विद्यालय, हैंसर के प्राथमिक विद्यालय बहरा डाड़ी समेत 16 विद्यालय, खलीलाबाद के प्राथमिक विद्यालय बड़गो, मैंसिर समेत आठ विद्यालय , मेंहदावल के प्राथमिक विद्यालय बेलौलील समेत 14 विद्यालय , नाथनगर के प्राथमिक विद्यालय हरदी समेत 33 विद्यालय, पौली के तीन, सांथा के आठ और सेमरियावां ब्लॉक के 11 विद्यालय शामिल है इसमें बच्चों में दूध का वितरण नहीं किया गया है।
इन विद्यालयों के हेडमास्टर को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही इन ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों से 15 फरवरी तक स्पष्टीकरण मांगा गया है।
निर्धारित तिथि पर जवाब न मिलने पर इन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।
इंसेट
बच्चों में दूध का वितरण न करना गंभीर प्रकरण है
प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोष जनक जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए