संतकबीरनगर। प्रतिबंधित पाॅलीथिन और प्लास्टिक भले ही सेहत के लिए जानलेवा हों, लेकिन शहर में इनका प्रयोग बेरोकटोक हो रहा है। शहर में हर रोज करीब 12 टन प्रतिबंधित पॉलिथीन और प्लास्टिक का उपयोग किया जा रहा है। पॉलिथीन के कचरे से शहर के नाले सफाई कराने के बाद भी चोक हो रहे हैं। सब्जी व फल मंडी, किराना सहित विभिन्न व्यवसायिक स्थानों पर प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग किया जा रहा है।
यह स्थित तब है जबकि सुप्रीम कोर्ट से शासन तक सिंगल यूज पाॅलीथिन को प्रतिबंधित कर दिया है। करीब दो वर्ष इस पर रोक लगाई थी। साथ ही पालिका प्रशासन को इस पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद शहर में पॉलिथीन और प्लास्टिक का उपयोग बेरोकटोक हो रहा है।
पालिका के आंकड़ों के मुताबिक प्रतिदिन करीब 12 टन सूखा कचरा निकलता है, जिसमें पॉलिथीन और प्लास्टिक होता है। इस कचरे से शहर के नाले-नालियां चोक हो रहे हैं और लोगों को जलभराव की समस्या झेलनी पड़ती है।
पालिका कर्मी नाले- नालियों की सफाई करते हैं, लेकिन फिर भी लोग पॉलिथीन व प्लास्टिक के कचरे नालियों में डाल देते हैं। पालिका प्रशासन अब तक सिर्फ जागरूकता अभियान ही चला रही है।