12 पशुओं की मौत के बाद मचा हड़कंप
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मेंहदावल(संतकबीरगन)। बौधरा ताल में बनाए गए अस्थाई पशु आश्रय केंद्र में 12 पशुओं की मौत के मामले में डीएम की सख्ती के बाद विकास खंड कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारियों की संवेदना जगी। बुधवार की देर रात तक पशुओं का शव दफनाने के बाद बृहस्पतिवार को अन्य पशुओं के लिए चारा-पानी का इंतजाम शुरू कराया गया। पेयजल के लिए रात में ही दो बोरिंग करा दिया गया। डीएम और सीडीओ मौके पर पहुंचे तब तक काफी कुछ बदल चुका था।
बौधरा ताल में छुट्टा और लावारिश गोवंशीय पशुओं को रखने के लिए अस्थाई पशु आश्रय केंद्र का निर्माण कराया गया है। यहां करीब 200 पशु रखे गए हैं। चारा-पानी के अभाव में इनमें से कई पशुओं की मौत हो चुकी है। ‘अमर उजाला’ ने बृहस्पतिवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। डीएम तक मामला पहुंचने के बाद बुधवार की रात में ब्लॉक प्रशासन ने जेसीबी की मदद से पशुओं का शव दफन कराया। रात में कई नाद और वॉटर टैंक का निर्माण कराया गया। दो बोरिंग कराते हुए साफ-सफाई भी कराई गई। डीएम रवीश गुप्ता और सीडीओ हाकिम सिंह मौके पर पहुंचे और पशुओं की देखभाल में लापरवाही के लिए बीडीओ को हिदायत दी। बीडीओ ज्ञानेंद्र सिंह ने डीएम को बताया कि छह पशुओं की मौत आश्रय केंद्र के चारों तरफ खुदवाई गई खाई में गिरने से हुई है जिनके शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। अन्य पशुओं के लिए भूसा और पानी आदि की व्यवस्था करा दी गई है। वहां नाद और वॉटर टैंक का निर्माण कराया गया है। पानी की किल्लत दूर करने के लिए दो बोरिंग कराया गया है।