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फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई सजा

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हत्यारोपी पति, सास और ससुर को आजीवन कारावास
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धनघटा थाना क्षेत्र के सियरकला गांव में 31 जुलाई-2015 को हुई थी विवाहिता की हत्या
पिता की तहरीर पर पति, सास और ससुर के खिलाफ दर्ज हुआ था केस
एफटीसी सेकेंड संदीप जैन की अदालत में चल रही थी सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। धनघटा थाना क्षेत्र के गांव सियरकला में साढ़े तीन साल पहले हुई एक विवाहिता की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी पति, सास और ससुर को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्या और साक्ष्य मिटाने के इस मामले में तीनों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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बखिरा थाना के रत्नपार गांव निवासी अनिल सिंह की बेटी खुशबू सिंह का विवाह चार फरवरी-2015 को धनघटा थाना क्षेत्र के सीयर कला गांव निवासी ओमप्रकाश सिंह के साथ हुआ था। शादी के कुछ दिन बाद ही खुशबू ने दहेज के लिए पति, सास, ससुर, ननद और नंदोई पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। 31 जुलाई-2015 को खुशबू ने फोन पर ससुराल वालों द्वारा मारने-पीटने की सूचना मायके वालों को दी। उसके पिता अनिल सिंह के अनुसार बेटी के ससुराल जाने पर वहां अधजला शव पड़ा था। इस मामले में धनघटा पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया। विवेचना तत्कालीन सीओ वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने किया। मायके पक्ष से मिली जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पति ओमप्रकाश सिंह, ससुर गिरधर सिंह और सास माया सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए न्यायालय को रिपोर्ट भेजी। एफटीसी द्वितीय संदीप जैन की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। खुशबू के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर महेश प्रसाद ने न्यायालय को बताया कि मृतका के सिर में चोट के नीचे रक्त का थक्का पाया गया था। उसे पहले मार गया होगा तब जलाया गया होगा। बचाव में अभियुक्त द्वारा गरीबी का हवाला देकर कम सजा की याचना की गई। सुनवाई पूरी होने पर एफटीसी सेकेंड के न्यायाधीश संदीप जैन ने आरोपी पति ओमप्रकाश सिंह, ससुर गिरधर सिंह तथा सास माया सिंह को हत्या की धारा में आजीवन सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने की कोशिश के मामले में पांच वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। तीनों अभियुक्त पहले से ही जेल में हैं।
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