केंद्रीय बजट से प्रदूषण मुक्त होगी कबीर की अमिया
एनजीटी के निर्देश पर आमी नदी को नमामि गंगे योजना में शामिल किया जाएगा
मगहर में नाले पर जल शोधन संयंत्र लगाने के 16 करोड़ रुपये का बना डीपीआर
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वीरेंद्र यादव
संतकबीरनगर। संत कबीर के अनुयायियों के लिए गंगा के समान पवित्र मानी जाने वाली आमी नदी को प्रदूषण मुक्त करने एवं जलप्रवाह को अविरल बनाए रखने के लिए अब केंद्रीय बजट से काम शुरू कराने की पहल हुई है। एनजीटी की हाईपॉवर कमेटी के निर्देश पर जल निगम ‘आमी’ को प्रदूषण मुक्त करने के लिए डीपीआर तैयार रहा रहा है। ‘आमी’ में दो स्थानों पर गिरने वाले गंदे नालों के पानी को शुद्ध करने के लिए जल शोधन संयंत्र लगाने की तैयारी चल रही है। इसमें एक स्थान के लिए 16 करोड़ का डीपीआर भी तैयार हो गया है, जबकि दूसरे स्थान के लिए भी जल्द कार्य शुरू हो जाएगा।
सिद्धार्थनगर के जिले के सिकोहरा ताल से निकली ‘आमी’ की कुल लंबाई 136 किलोमीटर है। इसमें 70 किलोमीटर का हिस्सा संतकबीरनगर जिले में पड़ता है। दोनों तरफ करीब 100 से अधिक गांव बसे हैं। पहले यह नदी आसपास बसे गांवों के लिए वरदान थी। लोग खेतों की सिंचाई ‘आमी’ के पानी से करते थे, लेकिन अब यह नदी प्रदूषित हो चुकी है। औद्योगिक संस्थानों का कचरा व शहरी गंदे नालों के पानी से नदी का जल बदरंग हो गया है। इसे फिर से पवित्र बनाने के लिए लंबे समय से आंदोलन चल रहा है। पिछले दिनों एनजीटी की हाईपॉवर कमेटी ने नदी का निरीक्षण किया था और इसके पुनरुद्धार के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। शुरू में प्रशासन ने राज्य बजट से डीपीआर तैयार कराने की योजना बनाई, लेकिन धन की कमी आड़े आने लगी थी।
एनजीटी के हस्तक्षेप से बनी बात
जिला प्रशासन ने बजट की कमी का मामला एनजीटी की हाईपॉवर कमेटी के सामने रखा। इस पर हाईपॉवर कमेटी के चेयरमैन न्यायामूर्ति डीपी सिंह ने इस नदी को भी नमामि गंगे योजना में शामिल करते हुए डीपीआर बनाने के निर्देश दिए। इसके पीछे तर्क यह है कि ‘आमी’ आगे जाकर राप्ती नदी में मिलती है। इसलिए इसे नमामि गंगे योजना में शामिल माना जाए। इसके बाद जल निगम ने मगहर स्थित रेलवे ब्रिज के पास सीवर शोधन संयंत्र लगाने के लिए 16 करोड़ रुपये का डीपीआर तैयार कराया। साथ ही खलीलाबाद क्षेत्र के चकपिहानी गांव के पास से ‘आमी’ में गिरने वाले नाले पर भी सीवर शोधन संयंत्र लगाने के लिए डीपीआर तैयार कराने का कार्य शुरू कराया गया। दोनों स्थानों का डीपीआर तैयार होने के बाद बजट की स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
बजट मिला तो संवर जाएगी आमी
जल निगम संतकबीरनगर के अधिशाषी अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर नमामि गंगे योजना के तहत केंद्रीय बजट से पुनरुद्घार कार्य कराने के लिए डीपीआर तैयार कराया जा रहा है। नदी पर दो जगह सीवर संशोधन संयंत्र लगाया जाएगा। मगहर रेलवे ब्रिज के पास नाले पर सीवर शोधन संयंत्र लगाने के लिए 16 करोड़ का डीपीआर तैयार हो गया है, जबकि चकपिहानी के लिए डीपीआर बन रहा है। इसे स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।