संतकबीरनगर। एक सप्ताह से शहर से लेकर गांव तक बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। खासकर रात में कटौती से लोग खासे परेशान हैं। हालांकि, विभाग प्रतिदिन आपूर्ति व्यवस्था में सुधार का दावा कर रहा है।
विद्युत निगम ने टांडा-बस्ती मेन लाइन पर काम होने का हवाला देकर 17 से 19 अगस्त तक बड़े पैमाने पर कटौती की। लोगों को उम्मीद थी कि इसके बाद बिजली आपूर्ति में सुधार आएगा, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
खलीलाबाद शहर की बात करें तो जब लोग गहरी नींद में होते हैं तो बिजली गुल हो जा रही है। पिछले दो दिनों से रात में दो बजे बिजली कट रही है और सुबह आठ बजे के बाद आ रही है। इसके कारण लोग भरपूर नींद भी नहीं ले पा रहे हैं। इससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है।
शहर के महेश कुमार ने कहा कि रात के समय बिजली कटने से नींद टूट जा रही है। मच्छरों के प्रकोप के चलते मजबूरी में बिस्तर छोड़ देना पड़ रहा है। इसका असर अगले दिन कामकाज पर पड़ रहा है। प्रदीप कुमार ने कहा कि रात्रिकालीन कटौती बंद होनी चाहिए, ताकि लोगों को समस्या से निजात मिल सके।
ऐसी ही स्थिति देहात क्षेत्रों की है। सोमवार को रात भर बिजली गायब रही। विद्युत उपभोक्ता रवींद्र कुमार ने कहा कि इस समय बरसात का मौसम है, ऐसे में जहरीले कीड़ों का डर बना रहता है। बिजली न रहने से नींद पूरी नहीं हो पा रही है।
सरकार दावा कर रही है कि देहात क्षेत्र को 18 घंटे बिजली दी जा रही है, लेकिन महज सात-आठ घंटे बिजली मिल रही है। इस संबंध में अधिशाषी अभियंता संजय कुमार सिंह ने कहा कि बस्ती में जो कार्य चल रहा था वह पूरा हो गया है। उपभोक्ताओं जल्दी ही समस्या से निजात मिल जाएगी।