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बारिश ने बढ़ाई बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें

Thu, 30 Aug 2018 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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पानी से हाेकर आते-जाते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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हैंसर। घाघरा नदी की बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए बृहस्पतिवार का दिन बेहद कठिन साबित हुआ। सुबह से ही हो रही बरसात ने इन बांध पर शरण लिए लोगों से पेड़ के नीचे का आसरा भी छीन लिया। खाने-पीने का सामान व लकड़ी आदि भीग जाने से चूल्हा भी नहीं जला। धनघटा तहसील के 38 गांव घाघरा नदी और एमबीडी बांध के बीच बसे हैं।
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नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से एक हीने से इन गांवों के लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बीते 10 दिनों से नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सोमवार से ही नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से 12 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। बाढ़ की वजह से सियरकला, गुनवतिया, भौंवापार व चकदहा के लोग एमबीडी बांध व रिंग बांध पर शरण लिए हुए हैं। बृहस्पतिवार को बरसात ने बांध पर शरण लिए इन लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।

बांध पर रहे रामफेर, सुरेश, पानमती, दयाराम, रामसमुझ, परमेश्वर आदि ने बताया कि बारिश के चलते बचे खुचे कपड़े व बिस्तर आदि भी भीग गया है। लकड़ी व खाद्य सामग्री भीग जाने के चलते भोजन भी नहीं बना। इस बार न तो प्रशासन मदद को आगे आया और न ही किसी राजनैतिक या सामाजिक संस्था ने ही बाढ़ पीड़ितों का दर्द समझा।
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बाढ़ के चलते बंद हैं 17 परिषदीय स्कूल
घाघरा नदी की बाढ़ से जिन 15 गांवों के लोग एक पखवारे से संकट झेल रहे हैं, वहां के 14 प्राथमिक और तीन जूनियर विद्यालय भी बाढ़ के कारण बंद हैं। रास्ते व स्कूल परिसर में पानी लग जाने के चलते अध्यापक भी नहीं जा रहे हैं।
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