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कंट्रोल रूम हुआ स्थापित

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‘बर्ड फ्लू से बचाव के लिए सावधानी जरूरी’
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फोटो
प्रवासी पक्षी को मारकर खाना जानलेवा हो सकता है : डीएम
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को बर्ड फ्लू नियंत्रण के लिए टास्क फोर्स की बैठक डीएम भूपेंद्र एस चौधरी की अध्यक्षता में हुई। डीएम ने कहा कि प्रवासी पक्षी को मारकर खाना जानलेवा हो सकता है, इसलिए इससे बचें।
उन्होंने कहा कि पटना में काफी संख्या में मोर की मृत्यु के बाद शासन ने सावधानी बरतने का निर्देश दिए हैं। बर्ड फ्लू पक्षी से मनुष्य में तथा मनुष्य के मुनष्य में फैल सकता है। हालांकि जिले में बर्ड फ्लू की कोई सूचना नहीं है। फिर भी जनपद स्तर पर इसकी निगरानी के लिए रैपिड रिस्पान्स टीम का गठन कर दिया गया है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बखिरा झील या उसके आसपास किसी भी प्रवासी पक्षी की अचानक मृत्यु होने पर इसकी सूचना तत्काल नोडल/उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ओम प्रकाश मिश्र को मोबाइल 9415375140 पर उपलब्ध कराएंगे। मृत पक्षी को जांच के लिए भोपाल लैब में भेजेंगे। डीएम ने बर्ड फ्लू का अब तक कोई इलाज नहीं है। इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. टीपी मिश्र ने बताया कि बर्ड फ्लू से बचाव के लिए जनपद में व्यापक भ्रमण कर एक बहुउद्देशीय शिविर, वृहद पशु आरोग्य मेला का आयोजना किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में पीपीई किट, फेस मॉक्स-95 तथा अन्य सामग्री उपलब्ध करा दिया गया है। राजकीय पशु चिकित्सालय खलीलाबाद में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जिसमें 05547-226029 फोन नंबर पर बर्ड फ्लू संबंधी सूचना दी जा सकेगी।
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बर्ड फ्लू के लक्षण
बर्ड फ्लू होने पर पक्षियों में मृत्यु दर बढ़ जाती है। उनका रंग बदल जाता है। सांस लेने में दिक्कत होती है। पक्षी से इसका असर मनुष्य में आ जाता है। यह मनुष्य से मनुष्य में भी होता है। मनुष्य में इसका असर होने पर तेज बुखार होता है। सांस लेने में दिक्कत होती है।
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