संतकबीरनगर। जनपद में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत इंपैनल चिकित्सालयों की गुणवत्ता, क्रियाशीलता व उपलब्ध सेवाओं आदि की मंगलवार को समीक्षा की गई। इसमें 10 चिकित्सालय मानकों पर फेल मिले। इन पर डीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इससे पूर्व सीएमओ ने जनपद में आयुष्मान योजना से इंपैनल निजी चिकित्सालयों के निर्धारित मानकों के आधार पर टीम गठित कर जांच कराने के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत वर्ष 2018 से 2024 तक जनपद में इंपैनल हुई चिकित्सालयों की गठित टीम से गाइड लाइन के अनुसार परीक्षण कराने के बाद मिली आख्या की डीएम ने समीक्षा की।
डीएम ने जांच टीमों की ओर से चिकित्सालयों में पाई गई कमियों की अस्पतालवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इंपैनल किए गए चिकित्सालयों में गठित टीम द्वारा जांच के उपरांत निर्धारित मानकों को पूरा न करने, बिना रजिस्ट्रेशन आदि के अस्पताल को संचालित करने, चिकित्सक की उपलब्धता न होने और उपस्थित स्टाफ के प्रशिक्षित न होने आदि के कारण 10 चिकित्सालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इन चिकित्सालयों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इन चिकित्सालय में सेहर मेमोरियल हॉस्पिटल निघुरी बाजार, न्यू केयर हास्पिटल निकट मेंहदावल बाईपास, न्यू मेडविन हॉस्पिटल गोरखल देहात खलीलाबाद, मुनमुन क्लीनिक एंड मेटर्निटी हॉस्पिटल बंगला ताल चौराहा, बालाजी हॉस्पिटल बाईपास खलीलाबाद, जीवन रेखा हॉस्पिटल बौरब्यास मेंहदावल, सन्स हॉस्पिटल टेमा रहमत, एम गोल्ड हॉस्पिटल, केयर हॉस्पिटल समय माता मंदिर के पीछे खलीलाबाद एवं ओम साई हास्पिटल निकट जिला अस्पताल के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ डॉ. रामानुज कनौजिया ने बताया कि आयुष्मान भारत में इंपैनल 37 अस्पतालों में चार को कोई दावा का भुगतान नहीं हुआ है। शेष 33 में सबसे अधिक दावा और धनराशि प्राप्त करने वाले हॉस्पिटल रजत हॉस्पिटल मझौवा पर्वता, एसआर हास्पिटल एंड पैरामेडिकल नाथनगर, शंभू नाथ मेमोरियल बंधवा, पटेल हॉस्पिटल भुजैनी, स्पर्श हॉस्पिटल भुजैनी डड़वा चौराहा शामिल हैं।
डीएम ने सीएमओ को निर्देशित किया कि इन अस्पतालों की एक बार दावा और भुगतान की जांच अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में टीम बनाकर करा ली जाए। यह भी निर्देशित किया कि जनपद के समस्त चिकित्सालयों में ओटी संचालन के लिए डी-फैबीलेटर एवं फायर सेफ्टी तथा कम से कम दो निकासी की अनिवार्यता को दो सप्ताह में पूर्ण कराकर आख्या उपलब्ध कराई जाए।
समीक्षा के दौरान चिकित्सालयों में आयुष्मान कार्ड सुविधा से इंपैनल होने का मानक पूरा नहीं किए जाने पर चिकित्सालयों को डी-इंपैनल किए जाने के निर्देश दिए।