संभल। शहर में बवाल वाले इलाकों में अभी भी ज्यादातर घरों में ताले लटके हैं। ये लोग रिश्तेदारों के घर जाकर लोग रह रहे हैं। इनमें ऐसे लोग भी हैं, जो बवाल में शामिल ही नहीं थे। बवाल वाले इलाकों में अभी भी युवा नहीं दिख रहे हैं।
24 नवंबर को जामा मस्जिद के पास, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में जमकर बवाल हुआ था। तीनों ही स्थानों पर पुलिस और भीड़ में झड़प हुई थी। बवाल के बाद से ज्यादातर लोग घर छोड़कर चले गए थे। हालात शांतिपूर्ण हुए तो घर लौटे हैं लेकिन अभी भी दर्जनों परिवार ऐसे हैं जो नहीं लौट पाए हैं। जो लौटे हैं उनमें युवा और अधेड़ उम्र के लोग अभी भी ज्यादातर बाहर ही रह रहे हैं। एसपी कृष्ण कुमार का कहना है कि जो निर्दोष है और बवाल में शामिल नहीं था उसको डरने की कोई जरूरत नहीं है वह अपने परिवार के साथ रहे लेकिन जो बवाल में थे और पत्थरबाजी की थी उनको गिरफ्तार किया जाएगा।
नकाबपोश उपद्रवियों की पहचान करना बना चुनौती
जामा मस्जिद, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा इलाके में उपद्रव करने वाले उपद्रवियों के फोटो और वीडियो पुलिस के पास हैं। इन सभी वीडियो और फोटो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। 300 चेहरे पहचाने जा चुके हैं। अन्य चेहरे पहचानने के लिए पुलिस की टीम प्रयास कर रही है। इसके लिए सूत्रों की भी मदद ली जा रही है। इसमें सबसे बड़ी चुनौती पुलिस के लिए नकाबपोश उपद्रवी हैं जो किसी भी कैमरे में बिना नकाब के नजर नहीं आ रहे हैं। उनकी पहचान के लिए टीमें काम कर रही हैं। जिससे नकाबपोश पकड़ में आ सकें। एसपी का कहना है कि जो उपद्रव में शामिल रहे हैं उनकी फिलहाल पहचान कराई जा रही है।
सबूत एकत्र करने में जुटी पुलिस
उपद्रव में लाखों रुपये की क्षति हुई है। आगजनी के दौरान वाहनों को फूंक दिया गया। इन सभी घटनाक्रम के वीडियो और फोटो पुलिस के पास हैं। जिन उपद्रवियों ने यह उपद्रव किया है। उनके खिलाफ पुलिस पहले सबूत एकत्र कर रही है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी कह चुके हैं कि सबूत पहले एकत्र हो जाएं उसके बाद उपद्रवियों की गिरफ्तारी की जाएगी। इसलिए ही गिरफ्तारी करने में पुलिस जल्दबाजी नहीं दिखा रही है।
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आठ दिन बाद भी दर्ज नहीं की बिजली के तार जलाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज
जामा मस्जिद के पीछे वाहनों को फूंकने के दौरान बिजली के तार भी जले थे। इन तारों के जलने का आकलन बिजली विभाग द्वारा किया गया तो करीब दो लाख रुपये का नुकसान सामने आया। एसडीओ शहर द्वारा कोतवाली में घटना के अगले दिन 25 नवंबर को तहरीर दी गई, लेकिन अभी तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। संवाद