शहादत के बाद नेताओ के किए वादे-वादे ही रह गए। न तो शहीद का स्मारक बना और न गांव की दशा बदली। अब शहीद के परिवार ने अपना हाल सीएम को बताने की ठानी है। इसके लिए तीन गांवों के लोगों ने पंचायत कर शुक्रवार दस बजे से सीएम को गांव में बुलाने के लिए अनशन का निर्णय लिया है।
अनशन शुक्रवार को सुबह दस बजे से शहीद सैनिक की समाधि पर शुरू हो जाएगा जिसमें शहीद की पत्नी और परिजनों के साथ ग्रामीण भी बैठेंगे और सीएम को गांव में बुलाने की मांग उठाएंगे।
संभल जिले के रहने वाले सैनिक पनसुखा मिलक निवासी सुधीश कुमार पाकस्तिानी सेना की गोलीबारी में 16 अक्टूबर 2000 को शहीद हो गए थे। उनकी शहादत के वक्त उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव सीएम थे लेकिन उनके परिवार में सियासी रार शुरू हो गई थी और इसके चलते उनका दौरा होते-होते रह गया था। शहीद का परिवार तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव को बुलाने के लिए अन्न जल त्यागा था पर वे नहीं आए।
अफसरों के माध्यम से सीएम ने शहीद के परिवार को लखनऊ बुलाया लेकिन शहीद का परिवार वहां नहीं गया। तब भाजपा ने इसे मुद्दा बनाया था। गांव में भाजपा के प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया पहुंचे थे। स्थानीय नेताओं ने तकरीबन हर रोज गांव का दौरा किया। क्षेत्रीय सांसद सत्यपाल सैनी, अमरोहा के सांसद कंवर सिंह तंवर भी पहुंचे थे।
बाद में मंत्री पद से बर्खास्त होने के बाद तत्कालीन सपा नेता शिवपाल सिंह यादव पनसुखा पहुंचे थे लेकिन शहीद के घर सीएम के न आने का मुद्दा बना रहा था।
अब जब यह पता लग चुका है कि सीएम 21 को मुरादाबाद आएंगे तो एक बार फिर शहीद के परिवार का दर्द उभरा है।
क्षेत्रीय लोग परिवार के साथ हैं और अनशन में परिजनों के साथ बैठने का एलान कर रहे हैं। इसके लिए गुरुवार को पंचायत हुई जिसमें अनशन करने और सीएम को गांव बुलाने की मांग पर एकजुटता दिखाई गई है।
शुक्रवार सुबह दस बजे से ग्रामीण शहीद के परिवार संग सैनिक की समाधि पर अनशन करेंगे। इसको लेकर पनसुखा मिलक, अल्लीपुर और पनसुखा के ग्रामीणों ने पंचायत की।