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मामला उजागर होने पर ग्राम पंचायत सचिवालय लिखा मिटाया, बरातघर के रूप में ही होगा इस्तेमाल

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संभल। विधायक निधि से तैयार हुए बरातघर को ग्राम पंचायत सचिवालय लिखवाने पर सोमवार को लीपापोती कराई गई। जिसको अस्थायी ग्राम पंचायत सचिवालय बताया जा रहा था उसको अब बरातघर ही बताया जा रहा है। जिम्मेदार भी जवाब देने से अब बच रहे हैं। इस मामले में विधायक व राज्यमंत्री गुलाब देवी भी कार्रवाई करा सकतीं हैं। बरातघर को ग्राम पंचायत सचिवालय बनाने का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद ही यह कार्रवाई हुई है।
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पवांसा ब्लॉक के गांव अहमदनगर थरैसा में चंदौसी विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक और माध्यमिक शिक्षा विभाग की राज्यमंत्री गुलाब देवी ने ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए 2019-20 में विधायक निधि से बरात घर बनवाने के लिए संतुति की थी। इस समय बरातघर का निर्माण पूरा हो चुका है बस लोकार्पण होना बाकी है। जिस कार्यदायी संस्था ने निर्माण किया है उसने हैंडओवर नहीं किया है। विधायक लोकार्पण नहीं कर पाईं और ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव ने आला अधिकारियों के आदेश का हवाला देते हुए बरातघर पर ग्राम पंचायत सचिवालय लिखवा लिया।
इस मामले की जानकारी ग्रामीणों ने अमर उजाला को दी। जिम्मेदारों की मनमानी सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की गई। विधायक की प्रतिक्रिया को देखते हुए जिम्मेदारों ने आनन फानन में ग्राम पंचायत सचिवालय लिखा हुआ पेंट कराकर मिटा दिया। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव का कहना था कि आला अधिकारियों के आदेश पर ऐसा किया गया है जबकि अधिकारी मामला संज्ञान में न होने की बात कह रहे हैं। फिलहाल जिस बरातघर को ग्राम पंचायत सचिवालय दर्शाकर 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री से लोकार्पण कराने की तैयारी थी वह अधूरी रह गई। जिला पंचायतराज अधिकारी जाहिद हुसैन से जब इस बारे में जानकारी की तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।
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