चंदौसी। प्रदेश भर में खानपान की चीजों में आपत्तिजनक सामग्री मिलाने की घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन समेत खाने-पीने की दुकानों पर संचालक, मैनेजर और कर्मचारियों के नाम का बोर्ड लगाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश हैं।
अधिकारियों को निर्देश है कि वह प्राथमिकता से आदेश का पालन कराएं। अधिकारियों ने फैसले पर अमल कराना भी शुरू कर दिया है। वहीं इस फैसले का व्यापारियों ने स्वागत किया है। हालांकि, कुछ व्यापारी इस फैसले के विरोध में भी हैं। उनका कहना है कि केवल एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। इससे लोगों के बीच नफरत की दीवार खड़ी होगी।
बोले लोग
योगी सरकार के फैसले का व्यापारी वर्ग स्वागत करता है। साथ ही व्यापारियों से अपील करता है कि प्रशासन का इस कार्य में सहयोग करें। -अरविंद गुप्ता, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
पूरे प्रदेश में एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। वोट बैंक की राजनीति के लिए सरकार हिंदू-मुस्लिमों को सांप्रदायिक रूप से बांट रही है। इससे लोगों में नफरत फैलेगी। -शाह आलम मंसूरी, प्रदेश मंत्री, अखिल भारतीय युवा उद्योग व्यापार मंडल।
होटल, ढाबों और खानपान की दुकानों पर संचालक का नाम लिखने में कोई बुराई नहीं है। व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार नाम पढ़कर कहीं भी जा सकता है। सरकार के फैसले का स्वागत है। - सागर गुप्ता, व्यापारी