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नरौरा बैराज से रूटीन का पानी डिस्चार्ज, खतरा नहीं

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संभल। उत्तराखंड प्राकृतिक आपदा के बाद जिले में गंगा किनारे के जुनावई, गुन्नौर, गवां समेत बाढ़ आशंकित गांवों में अभी अलर्ट है। मंगलवार को नरौरा बैराज से 4042 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा में पानी का प्रवाह सामान्य होने पर बाढ़ का खतरा नहीं है, इसके बावजूद निगरानी बरकरार है।
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रविवार को उत्तराखंड में आई आपदा के बाद जिले में बाढ़ आशंकित क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित गया है। मंगलवार को नायब तहसीलदार गुन्नौर ने क्षेत्र कर दौरा किया। मंगलवार को नरौरा बैराज से 4042 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बैराज से पानी डिस्चार्ज की यह सामान्य स्थिति है। रोजाना लगभग इतना पानी ही छोड़ा जाता है। नदी के प्रवाह बढ़ने की सूचना प्रशासन के पास नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन अलर्ट है। जुनावई, गुन्नौर, गवां क्षेत्रों में छह बाढ़ चौकी हैं तथा आठ बाढ़ आश्रय स्थल बनाए गए हैं। सभी आश्रय स्थलों पर एक-एक नोडल अधिकारी, एक लेखपाल, एक सचिव तैनात है। मंगलवार को भी टीम क्षेत्रों में घूमकर लोगों को आपदा से बचाव के बारे में जानकारी देती रही।
सामान्य तरीके से बीता दिन, लोग लगे रहे अपनी दिनचर्या में
मंगलवार को बाढ़ आशंकित गांव रघुपुर पुख्ता, बझांगी, तोतापुर, उदिया नगला, मेंगरा, सालिंग की मड़ैया, नरूपुरा में लोगों की गतिविधि सामान्य रही। लोग खेतों में अपनी दिनचर्या में लगे रहे।
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गंगा में जलस्तर सामान्य है। बाढ़ की आशंका नहीं है। फिर अलर्ट है। सभी टीमें अपने-अपने स्थानों पर तैनात हैं। दस फरवरी तक निगरानी बरकरार रहेगी।
प्रेमचंद्र, एसडीएम गुन्नौर
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