बढ़े जलस्तर के बाद राजघाट में बहती गंगा नदी।
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चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज नरौरा से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद गुन्नौर के जुनावई क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पिछले वर्ष बाढ़ की चपेट में आने वाले गांव रघुपुर पुख्ता से गंगा का पानी अभी तीन सौ मीटर दूर है। अगर जल स्तर में थोड़ी सी बढ़ोत्तरी हुई तो बाढ़ आ जाएगी। प्रशासन ने बाढ़ के हालातों से निपटने के लिए बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है। पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही
है।
शुक्रवार को हरिद्वार और बिजनौर गंगा बैराज से छोड़ा गया पानी शनिवार को नरौरा गंगा बैराज पहुंच गया है। शुक्रवार को नरौरा बांध से 55398 क्यूसेक और शनिवार की शाम चार बजे 1,31,812 क्यूसेक प्रति सेकेंड की दर से पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा का जलस्तर 177.96 मीटर हो गया है यह शुक्रवार को 177.43 मीटर था विदित रहे कि पिछले वर्ष नरौरा बांध से जैसे ही एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था तो जुनावई क्षेत्र के रघुपुर पुख्ता में बाढ़ के हालात पैदा हो गए थे।
जबकि इसके निकट के गांव बझांगी, शालिंग की मढ़ईयां, मेगरा, उदियानगला के चारों का ओर बाढ़ का पानी आ गया था और फसलें जलमग्न हो गईं थीं। पिछले वर्ष आई बाढ़ से सबक लेते हुए प्रशासन सतर्क है। वह पल-पल की खबर ले रहा है। शनिवार को गंगा पानी रघुपुर पुख्ता गांव के निकट तीन सौ मीटर दूर तक पहुंच गया है। मिठनपुर-सांकरा पुल जाने वाली सड़क से गांव को बनाई सड़क पर पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों को मिठनपुर-सांकरा मार्ग पर जाने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।