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जहरीला हुआ भदरौला, कुरकावली, लखौरी के सरकारी हैंडपंपों का पानी

Sun, 28 Jan 2018 11:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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सरकारी हैंडपंप पर लाल चिह्न लगाते जेई जल निगम। - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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संभल तहसील क्षेत्र के गांव भदरौला, इसके मजरा बहरामपुर, कुरकावली और लखौरी के सरकारी हैंडपंपों का पानी जहरीला हो गया है। इसकी पुष्टि राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में हुई जांच के बाद हुई है। जल निगम ने ऐसे हैंडपंपों पर लाल स्याही से क्रास का चिह्न लगाने का काम शुरू कर दिया है। साथ ही, इन गांवों में पेयजल योजनाओं के लिए सर्वे किया जा रहा है।
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अगर पेयजल योजनाओं के लिए आसानी से ग्राम समाज की भूमि मिल गई तो ग्रामीणों को अच्छा पानी मुहैया हो सकेगा। वहीं प्रदूषित पानी की पुष्टि होने से ग्रामीणों में डर है।संभल जिले के 30 गांवों में प्रदूषित पानी जानलेवा हो गया है। कैंसर से लगातार मौतें हो रही हैं। संभल तहसील क्षेत्र के सिंहपुरसानी व आसपास के कई गांवों में कैंसर अब तक कई जिंदगियों को लील चुका है।

प्रदूषित पानी का मुद्दा राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण तक पहुंचा था। तब प्रदेश सरकार को स्वच्छ पेयजल के इंतजाम का निर्देश दिया गया था। इसके बाद सरकार ने जल निगम के माध्यम से संभल के कई गांवों में लगे सरकारी हैंडपंपों के पानी के नमूने लेने के बाद जांच के लिए राज्य स्तरीय प्रयोगशाला उत्तर प्रदेश जल निगम को भेजे गए थे। वहां से जो रिपोर्ट आई है, वह चौंकाने वाली है। क्योंकि ग्राम पंचायत भदरौला में चार, इसके मजरा बहरामपुर में दो, कुरकावली में तीन, लखौरी में दो सरकारी हैंडपंपों का पानी प्रदूषित होने की बात सामने आई है।
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हालांकि हर एक गांव में पानी के लगभग बीस नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। पर हैंडपंपों का पानी प्रदूषित होने की पुष्टि होने के जल निगम ग्रामीणों को पानी का प्रयोग नहीं करने की सलाह दे रहा है। जल निगम ने गांव भदरौला में उन हैंडपंपों पर लाल स्याही से क्रास का चिह्न लगा दिया है, जिनके पानी की रिपोर्ट आई है। इसके अलावा इन गांवों में पेयजल योजनाओं के लिए भी कदम बढ़ा दिए गए हैं।

गांवों में बनेेंगी टंकी, मिलेगा साफ पानी
संभल। जिन गांवों के सरकारी हैंडपंपों का पानी प्रदूषित होने की पुष्टि हुई है। उनमें पेयजल योजनाएं स्थापित कराने की कवायद शुरू हो गई है। जल निगम के अवर अभियंता विशाल रूहेला ने बताया कि सर्वे किया जा रहा है। आबादी के हिसाब से पानी की टंकी का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए ग्राम सभा की भूमि की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि गांव भदरौला में सरकारी हैंडपंपों पर लाल स्याही से क्रास का चिह्न लगाने का काम शुरू कर दिया है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वह सरकारी हैंडपंपों का पानी इस्तेमाल न करें।

तो क्या निजी हैंडपंपों का पानी भी हुुआ प्रदूषित?
संभल। सरकारी हैंडपंपों की गहराई ज्यादा होती है। जब उनका पानी ही प्रदूषित हो गया तो निजी हैंडपंपों का पानी कैसे अच्छा होगा। कहीं उनका पानी भी प्रदूषित नहीं हो गया है? यह सवाल उठा है। मगर जल निगम के अधिकारी अभी इस बारे में बोलने से कतरा रहे हैं। उनका कहना है कि जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

कैंसर से हो चुकी हैं कई मौतें
संभल। तहसील क्षेत्र के गांव सिंहपुरसानी, रचैटा, भदरौला, लखौरी, कुरकावली, बेनीपुर चक, हिसामपुर, गैलुआ आदि गांवों में प्रदूषित पानी की वजह से कैंसर बीमारी फैली हुई है। इस बीमारी की चपेट में आकर कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। ग्रामीण हालात बदलने की मांग कर रहे हैं। मगर समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा।
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यह है पानी की जांच रिपोर्ट -
आर्सेनिक - एक लीटर पानी में 0.010 मिलीग्राम के सापेक्ष कुछ प्रतिशत ज्यादा मात्रा आई है।
नाईट्रेट - एक लीटर पानी में 45 मिलीग्राम के सापेक्ष 50,55 और 64 मिलीग्राम तक मात्रा आई है।
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