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Sambhal News: जिला अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन के लिए आधुनिक फेको मशीन का इंतजार

Thu, 03 Jul 2025 01:48 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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संभल। जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने के लिए आधुनिक फेको मशीन का इंतजार है। इस मशीन का फायदा यह है कि बिना चीरा लगाए आंखों का ऑपरेशन हो जाता है, लेकिन जिला अस्पताल में इसकी उपलब्धता न होने से आंखों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं।
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जिला अस्पताल 100 बेड का है। इसमें सीटी स्कैन से लेकर अल्ट्रासाउंड तक होता है। ब्लड बैंक भी है। लेकिन अस्पताल में मोतियाबिंद के लिए ऑपरेशन के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। ओटी के नाम पर एक छोटे से कक्ष में रखे माइक्रोस्कोप जैसे महत्वपूर्ण उपकरण बेहतर गुणवत्ता के नहीं है। ऐसे में यदि मरीज का ऑपरेशन किया गया तो रोशनी मिलने की उम्मीद तो टूटी ही जाएगी। साथ ही, आंख भी गंवानी पड़ सकती है। ऐसा अंदेशा जिला अस्पताल में तैनात नेत्र चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार सिंह ने जताते हुए अस्पताल में आधुनिक फेको मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की है। इसके लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है। मरीजों की बात की जाए तो हर दिन दो से तीन मरीज मोतियाबिंद पीड़ित बुजुर्ग पहुंच जाते हैं। फिलहाल तो दवाई से ही काम चला रहे हैं। जब समस्या बढ़ती है तो निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराना पड़ता है। मोतियाबिंद की दिक्कत 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को होती है। शुरूआत में चश्मा आदि से काम चला लिया जाता है लेकिन समस्या बढ़ती है तो ऑपरेशन कराना ही समाधान होता है। संभल जिले में किसी भी सीएचसी में भी ऑपरेशन की व्यवस्था नहीं है।

यह हैं मोतियाबिंद के लक्षण

-कम दिखाई देना।

-आंख से धुंधला दिखना।

-दोहरा या डबल दिखाई देना।
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इनसेट
कैसे काम करती है आधुनिक फेको मशीन
लेंस को छोटे टुकड़ों में तोड़ने के लिए अल्ट्रासोनिक तरंगों का उपयोग करती है। लेंस के टुकड़ों को बाहर निकाल दिया जाता है और आंखों की रोशनी में सुधार करने के लिए आंख के लेंस पर एक कृत्रिम लेंस लगाया जाता है। इस प्रक्रिया से बिना चीरा लगाए मरीजों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन आसानी से हो जाता है। मालूम हो कि मोतियाबिंद से परेशान मरीजों के ऑपरेशन के लिए पुराने तौर-तरीकों को आजमाया जाता है। आंख को सुन्न करने के बाद चीरा और टांका लगाकर मरीजों का राहत दी जाती है।
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कोट
चंदौसी में ऑपरेशन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। जल्द ही आंखों के ऑपरेशन शुरू होंगे। जिला अस्पताल, संभल में जैसी जगह है, उसके हिसाब से व्यवस्था कराई गई है। प्रयास रहेगा कि जल्द ही आंखों के ऑपरेशन शुरू कराएं जाएं।
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डॉ.राजेंद्र सैनी, कार्यवाहक सीएमएस, जिला अस्पताल, संभल।
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