संभल। संभल में हुए बवाल की जांच-विवेचना को क्राइम ब्रांच के द्वारा कराया जाएगा। संभल, चंदौसी और नखासा थाने में बवाल के मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों की विवेचना थाना और कोतवाली स्तर से नहीं होगी बल्कि क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर करेंगे। विवेचनाओं का पर्यवेक्षण गुन्नौर के सीओ और अपर पुलिस अधीक्षक करेंगे। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार को एसआईटी का जनपद में प्रमुख बनाया गया है। उनकी जिम्मेदारी यह है कि कोई भी निर्दोष इस मामले में न फंसने पाए। कोई भी दोषी छूटने न पाए। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें निष्पक्ष तरीके से विवेचनाएं कराने के आदेश दिए हैं।
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर संभल में जो बवाल हुआ है था उसमें बसों में तोड़फोड़ हुई। एक बस को आग लगाई गई। पुलिस पर पथराव किया गया। इससे भी ज्यादा बड़ी बात यह है कि रोडवेज बस अड्डे के पास फायरिंग हुई जिसमें दो लोगों की जान चली गई। बवाल और तोड़फोड़ के 14 मुकदमे दर्ज हैं। नखासा और चंदौसी में एक एक मुकदमा है। जबकि संभल कोतवाली में 12 मुकदमे हैं। इसमें 26 नामजद हैं और सैकड़ों की भीड़ अज्ञात है।
बवाल में शुक्रवार को यानि 20 दिसंबर को बिलाल और शहरोज की मौत हुई थी। दोनों मौतों पर गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट परिजनों की ओर से दर्ज है। भले ही हत्या का इरादा न हो पर किसकी गोली से दोनों युवकों की मौत हुई है, यह भी साफ नहीं है, जिस दिन युवकों की मौत हुई थी उस दिन परिजनों ने मौखिक रूप से पुलिस पर आरोप लगाए थे लेकिन जो एफआईआर दर्ज कराई है उसमें पुलिस का जिक्र नहीं है।
अब विवेचना में यह बात साफ होना है कि किसकी गोली से युवकों की मौत हुई है। साथ ही यह आरोप भी पुलिस पर अब तक लगा है कि निर्दोष लोग जेल भेजे गए हैं। तमाम निर्दोष लोगों का उत्पीड़न आगे किया जा सकता है। इसी अंदेशे में अब विवेचना को सही तरीके से कराने की जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में बनी एसआईटी में क्राइम ब्रांच के दो इंस्पेक्टर और गुन्नौर से सीओ भी शामिल रहेंगे।