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Sambhal News: प्रमाणपत्रों के लिए भटक रहे ग्रामीण

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जुनावई। ब्लॉक में स्थायी बीडीओ की तैनाती न होने से प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पूर्व बीडीओ अखिलेश कुमार के लगभग डेढ़ माह पहले स्थानांतरण के बाद से यह पद रिक्त है। शासन ने गुन्नौर के बीडीओ कमलकांत को जुनावई का अतिरिक्त प्रभार सौंप रखा है, लेकिन दो ब्लॉकों की जिम्मेदारी के कारण वह इस ब्लॉक को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमित अधिकारी की अनुपस्थिति का असर ब्लॉक कार्यालय की कार्यप्रणाली पर साफ दिखाई दे रहा है। कर्मचारियों के समय पर कार्यालय न पहुंचने और सीटों से नदारद रहने के कारण आम लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। दोपहर बाद कई कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहता है। रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण वृद्धावस्था व दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य सरकारी कार्यों के लिए ब्लॉक पहुंचते हैं, लेकिन संबंधित अधिकारी और कर्मचारी न मिलने से उन्हें बिना काम कराए लौटना पड़ता है। भीषण गर्मी में बार-बार ब्लॉक के चक्कर लगाने से ग्रामीणों को आर्थिक, शारीरिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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बोले शिकायतकर्ता:
ग्राम अहरोला नौआबाद निवासी योगेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पिता नरेश पाल का 13 जनवरी 2026 को निधन हो गया था। वह पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र और अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पिछले एक सप्ताह से लगातार ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी और कर्मचारी नहीं मिलने से हर बार निराश होकर लौटना पड़ता है।
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इसी गांव के सुखराम ने बताया कि उनके पिता रोहन सिंह का निधन हो चुका है। मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए वह पिछले एक माह से ब्लॉक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उनका काम नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जुनावई विकास खंड में शीघ्र स्थायी बीडीओ की तैनाती की जाए और कार्यालय में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और विकास कार्यों में तेजी आए।

जुनावई ब्लॉक में गुन्नौर के बीडीओ मंगलवार, बृहस्पतिवार, शनिवार को बैठते हैं। बाकी तीन दिन गुन्नौर में बैठते हैं। जुनावई में एडीओ पंचायत और अन्य अधिकारी नियमित बैठते हैं और जनसमस्याओं का समाधान करते हैं। अगर शिकायतकर्ताओं को कोई दिक्कत है तो उसे दिखवाया जाएगा। - गोरखनाथ भट्ट, सीडीओ।
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