चंदौसी। यूरिया की कमी के चलते समितियों पर खरीददारी के लिए किसानों की भीड़ जुटी है। सहकारी समिति पर किसानों को टोकन से यूरिया दिया जा रहा है। कालाबाजारी रोकने को कंट्रोल लगा दिया तथा एक किसान को केवल पांच-पांच कट्टे दी दिये जा रहे हैं। धान की फसल के लिए किसानों को यूरिया की सख्त जरूरत है। समय से यूरिया नहीं मिला, तो उत्पादन प्रभावित होगा। गत वर्ष के सापेक्ष खरीफ जनपद में अभी तक मात्र 40 फीसदी खाद ही मिल पाया है।
संभल जनपद में इस वर्ष करीब 42 हजार हेक्टेअर में धान की फसल की रोपाई हुई है। धान का पौधा बढ़वार पर है। इस समय पौधे को नाइट्रोजन की अधिक आवश्यकता होती है, इसकी पूर्ति यूरिया से होगी। जिले में खाद की आपूर्ति कम होने के कारण किल्लत आ गई है।
चंदौसी क्षेत्र की सहकारी समितियों पर किसानों की भीड़ जुटी है। लंबी लाइन लगी है। किसान सुबह आकर ही लाइन में लग जाते हैं और दोपहर तक बमुश्किल यूरिया मिल पाता है। दुकानों पर प्रतिदिन एक-एक ट्रक यूरिया की आपूर्ति की जा रही है, दोपहर के बाद कुछ किसानों को लाइन में लगने के बाद भी यूरिया नहीं मिल पा रहा है। निराश और हताश होकर किसान वापस लौट जाते हैं।
खाद का प्रकार खपत 2019 अब तक खपत 2020
यूरिया 55842 23161
एनपी 7095 16540
डीएपी 6945 3762
एमओपी 745 583
नोट: यह खरीफ फसल में खपत हुए खाद की मात्रा मीट्रिक टन में हैं।
भीड़ को नियंत्रित करने को टोकन से मिल रहा यूरिया
चंदौसी। मंडी समिति चंदौसी सहकारी समिति की दुकान है। संचालक एके सिंह ने बताया कि सुबह से ही किसान लाइन में लग जाते हैं। भीड़ कम रहे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, इसके लिए किसानों को टोकन देकर यूरिया बांटा जा रहा है। रोज एक गाड़ी यूरिया की आती है। दोपहर बाद किसानों को खाद नहीं मिल रहा।
लगाया कंट्रोल, पांच-पांच कट्टे दिए जा रहे किसानों को
चंदौसी। किसान अधिक यूरिया भंडारित न कर लें और सभी को यूरिया मिले। इसके लिए कंट्रोल लगा दिया गया। एक किसान को एक बार पॉश मशीन से अंगूठा लगवाकर पांच-पांच कट्टे यूरिया के दिया जा रहा है। किसान तीन कट्टों से लेकर 20-20 कट्टा यूरिया की डिमांड कर रहे हैं।