चंदौसी। तहसील रोड स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार सुबह उस समय हंगामा खड़ा हो गया। जब उपचार के दौरान एक छात्रा किशोरी की मौत हो गई। किशोरी की मौत से आक्रोशित परिजनों ने चिकित्सक और स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर मारपीट करने के भी आरोप लगाए। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया, जिसके बाद परिजन बिना किसी कानूनी कार्रवाई के किशोरी का शव अपने साथ ले गए।
जिला बदायूं के गांव ओरछी निवासी खिलेंद्र सिंह की बेटी मोनम (15) गांव के पास स्थित गनेशी लाल इंटर कॉलेज में कक्षा नौ की छात्रा थी। वह छह बहनों और एक भाई में दूसरे नंबर की संतान थी। मंगलवार शाम उसे सीने और पैरों में दर्द हुआ, जिसके बाद परिजनों ने उसे तहसील रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। बुधवार सुबह करीब 10 बजे इलाज के दौरान उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत की खबर मिलते ही मां पार्वती और परिवार में चीख पुकार मच गई। गुस्साए परिजन अस्पताल में इकट्ठा हो गए और चिकित्सक व स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि सही इलाज नहीं मिला, इसलिए बच्ची की जान चली गई। कोतवाली के एसएसआई गिरीश गंगवार ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया और शव लेकर घर चले गए।