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UP: संभल में अब तक हुए सभी दंगों की रिपोर्ट हो रही तैयार, 1978-1986 और 1992 पर विशेष फोकस

Thu, 27 Feb 2025 04:48 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, संभल

सार

संभल पुलिस 1978, 1986 और 1992 में हुए दंगों की जांच कर रही है। न्यायिक जांच आयोग के समक्ष पीड़ितों की गुहार के बाद इससे जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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संभल दंगा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संभल पुलिस शहर में 1978, 1986 और 1992 में हुए दंगों की जांच पड़ताल करने में जुटी है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजा जाएगी। एसपी का कहना है कि शासन स्तर से जो भी निर्देश मिलेंगे उसके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी। उसके आधार पर ही उन तीनों दंगों की रिपोर्ट तैयार हो रही है।

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बताया कि मुकदमों की स्थिति को भी देखा जाएगा। 23 जनवरी को न्यायिक जांच आयोग के सामने कुछ लोग पहुंचे थे। उन्होंने 1978, 1986 और 1992 के दंगों से पीड़ित होने की बात कही थी। साथ ही बताया था कि उन्हें इन तीनों दंगों में जान और माल का नुकसान हुआ था लेकिन न्याय नहीं मिला।

इन परिवारों ने जांच कराने के लिए मांग उठाई थी। इसी मांग को मानते हुए रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। एसपी का कहना है कि दंगों में कितने लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी और उन मुकदमों में क्या स्थिति है। इन सभी बिंदुओं को देखते हुए रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उसके बाद शासन को भेजी जाएगी। रिकॉर्ड मुरादाबाद में है। इसलिए समय लग रहा है।

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1978 के दंगे के बाद पलायन के बाद मजबूर हुए थे हिंदू

1978 के दंगे में हिंदुओं की हत्याएं की गई थीं। कई ऐसे परिवार पुलिस-प्रशासन के सामने आए जिन्होंने बताया कि उनके परिवार में किसकी जान गई। उस समय की कुछ तस्वीरें भी दिखाई गईं। उन्होंने यह भी बताया था कि हिंदू बड़ी संख्या में मारे गए थे और पलायन के लिए मजबूर हुए थे।

खग्गू सराय में प्राचीन शिव मंदिर भी उसी दंगे के बाद से बंद हो गया था। इस इलाके में जो हिंदू परिवार थे वह पलायन कर गए थे। 1978 के दंगे में 16 मुकदमें दर्ज हुए थे। जिसमें हत्या, लूट, आगजनी, बलवा और अन्य कई गंभीर आरोप शामिल थे।

1993 में दर्ज मुकदमों में से आठ मुकदमें वापस हो गए थे। बाकी आठ मुकदमों की स्थिति की जानकारी पुलिस प्रशासन को ही स्पष्ट नहीं हो सकी है।

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