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UP: ग्राहक बन शराब की दुकान पर पहुंचे डीएम, दस रुपये महंगी बोतल मिलने पर की कार्रवाई, हक्के-बक्के रह गए अन्य

Fri, 18 Oct 2024 05:20 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, संभल

सार

संभल डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने शराब की दुकान पर ग्राहक बनकर ओवर रेटिंग की शिकायतों की जांच की। जहां उनके सामने एक ग्राहक को ज्यादा दाम में बोतल दी गई। इसके बाद उन्होंने दुकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। 
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संभल डीएम राजेंद्र पैंसिया निरीक्षण के दाैरान - फोटो : सूचना विभाग
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विस्तार
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शराब की दुकानों में चल रहे ओवर रेटिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. राजेंद्र पैंसिया बृहस्पतिवार रात अचानक शराब की दुकान पर पहुंचे। ग्राहक के रूप में दुकान पर पहुंचे डीएम पहचान छिपाकर ओवर रेटिंग की समस्या का खुद अनुभव किया।

जब डीएम और एडीएम शराब खरीदने के लिए दुकान में पहुंचे, तो सेल्समैन ने उन्हें पहचान लिया। इस बीच, एक अन्य ग्राहक ने बताया कि उसे दस रुपये महंगी शराब की बोतल दी गई है। इस पर डीएम ने तुरंत ओवर रेटिंग की इस शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया।

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डीएम ने इसके बाद जिला अस्पताल का निरीक्षण करने का निर्णय लिया। अस्पताल में जाकर उन्होंने दवाओं की उपलब्धता और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की। इस दौरान उन्होंने देखा कि कुछ दवाएं उपलब्ध नहीं थीं, और फार्मासिस्ट मौके पर नहीं मिल सका। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए दवाओं की उपलब्धता अंकित करने के लिए हिदायत दी।

जब दफ्तर छोड़ धान काटने पहुंच गए थे पैंसिया

संभल जिले के गांव बेहटा जयसिंह में जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैन्सिया ने किसानों से मुलाकात कर उसके साथ खेतों में धान की कटाई की। डीएम ने फसल उत्पादकता का निरीक्षण करते हुए किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ उठाने के लिए जागरूक भी किया। डीएम ने किसान मुंशी के खेत में जाकर खुद धान की कटाई कर क्रॉप कटिंग भी देखी।

इससे आसपास माैजूद अन्य किसानों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने डीएम से कई मुद्दों को लेकर चर्चा भी की। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। डीएम ने बताया कि त्रिकोणीय आकृति में खेत की कटाई करके फसल उत्पादकता का औसत निकाला जाता है, जिसे शासन को भेजा जाता है।

उत्पादकता कम होने पर किसानों को फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा मिलता है, जिससे नुकसान की भरपाई हो सके। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक फसल बीमा कराने का आग्रह किया।

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