चंदौसी। धनारी क्षेत्र में वर्ष 2019 में हुए पॉक्सो एक्ट के मामले में न्यायालय ने दो भाइयों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। जिसमें तेजपाल निवासी गांव रोरादीप थाना धनारी को बीस वर्ष के कारावास और 58 हजार रुपये के अर्थदंड तथा दूसरे भाई किशनपाल को आठ वर्ष के कारावास और आठ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
धनारी क्षेत्र के एक गांव की पीड़िता की बहन ने धनारी पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें बताया कि 26 मई की शाम चार बजे करीब वह अपनी 14 वर्षीय छोटी बहन के साथ छपरा की बाजार से सामान खरीद कर घर वापस जा रही थी। तब ही छपरा बाजार के चौराहे पर किशन पाल पुत्र रामनिवास निवासी रोरादीप थाना धनारी मिला और उसकी छोटी बहन को बहला फुसला कर मोटरसाइकिल पर बैठा कर साथ ले गया। वह और परिवार वाले उसे तलाश करते रहे लेकिन पता नहीं चल सका। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। नाबालिग की बरामदगी के बाद पीड़िता के बयान दर्ज कराए गए। जिसमें पीड़िता ने बताया कि किशन पाल उसे बाइक पर बैठा कर ले गया था। रास्ते में किशनपाल का भाई तेजपाल मिल गया। जो पीड़िता को अज्ञात स्थान पर ले गए थे। जहां तेजपाल ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने साक्ष्य एकत्रित कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष से शासकीय अधिवक्ता पॉक्सो एक्ट नरेंद्र कुमार यादव और विशेष लोक अभियोजक आदित्य कुमार सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं और बताया कि न्यायालय ने दोषी तेजपाल को बीस वर्ष के कारावास और 58 हजार रुपये के अर्थदंड तथा किशनपाल को आठ वर्ष के कारावास व आठ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।