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जनेटा के दो छात्र यूक्रेन के पोल्टावा शहर से साथियों संग रोमानिया बॉर्डर की ओर रवाना

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चंदौसी। यूक्रेन के पोल्टावा शहर में फंसे चंदौसी क्षेत्र के गांव जनेटा के दोनों छात्र अपने साथियों संग रोमानिया के बॉर्डर की ओर चल दिए हैं। छात्र मोहम्मद कैस ने अपने पिता मोहम्मद एजाज को ये जानकारी दी है।
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चंदौसी क्षेत्र के गांव जनेटा निवासी मोहम्मद कैस और मोहम्मद शारिक यूक्रेन के शहर पोल्टावा में फंसे हुए थे। भारतीय समयानुसार सोमवार की शाम करीब तीन बजे मोहम्मद कैस ने पिता मोहम्मद एजाज को फोन पर बताया कि भारतीय दूतावास के अधिकारियों की सूचना पर रोमानिया बॉर्डर के लिए रविवार शाम आठ बजे चल दिए थे। हमारे साथ 66 छात्र हैं। रात का तापमान माइनस दो डिग्री था। कई जगह बर्फवारी भी हो रही थी। पूरी रात बस के सफर में ही गुजारी है। उन्हें पोल्टावा से रोमानिया के बॉर्डर तक करीब 900 किलोमीटर का सफर तय करना है। 24 घंटे के बाद सोमवार की रात आठ बजे तक रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचने का अनुमान है। मोहम्मद एजाज ने बताया कि सोमवार की शाम पांच बजे के बाद बेटे से संपर्क नहीं हो पाया है।
बहजोई की आयुषी पहुंची रोमानिया के शेल्टर होम
चंदौसी। बहजोई निवासी आयुषी वार्ष्णेय यूक्रेन का बॉर्डर पार कर अपने 40 साथियों के साथ रोमानिया के शेल्टर होम पहुंच गई हैं। भारतीय दूतावास के अधिकारी देखभाल कर रहे हैं। आयुषी वार्ष्णेय ने भाई शशांक वार्ष्णेय को बताया कि शेल्टर होम में भीड़ अधिक है, अन्य लोगों को दूतावास की ओर से होटल में ठहरने के लिए भेजा जा रहा है। आयुषी वार्ष्णेय ने अपने भाई को बताया कि वह सभी रविवार सुबह यूक्रेन और रोमानिया के बॉर्डर पर आ गए थे।
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दिन में होते हैं तेज धमाके
संभल। यूक्रेन के शहर खारकीव में असमोली क्षेत्र के गांव मदाला फत्तेहपुर के निवासी अदनान, मोहम्मद आतिव, गुलाम बदरूद्दीन रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
हमले के बाद से पढ़ाई है और छात्रों को बेसमेंट में ठहराया जा रहा है। अदनान ने अपने पिता असरार अहमद को सोमवार को फोन पर बताया कि वह ठीक है। दिन में धमाकों की आवाजें तेज आती हैं, जिससे सभी दहशत में रहते हैं। खाने का इंतजाम है लेकिन पानी की दिक्कत आ रही है। पानी कुछ दूर से लाकर पीना पड़ रहा है।
वहीं, परियावली गांव के निवासी मोहम्मद शुऐव भी यूक्रेन में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। वह द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। शुऐब ने ताऊ युनुस को बताया कि वह हंगरी बॉर्डर की ओर बढ़ रहा है।
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