सौंधन (संभल)। जनपद में दूसरे दिन भी आंधी और बारिश ने तबाही मचाई। बुधवार की सुबह 10 बजे तेज-बारिश में कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव गंगहेटा में बिजली का खंभा गिरने से चपेट में आकर नेमवती (32) और गांव निवासी भगवान सिंह (32) की दीवार के नीचे दबकर मौत हो गई।
धनारी थाना क्षेत्र के गांव हरफरी निवासी नेमवती के पति दुर्वेश का नवंबर 2025 में बीमारी से निधन हो चुका है। वह 28 अप्रैल को तीन बच्चों के साथ मायके में शादी समारोह में शामिल होने के लिए आईं थीं। बुधवार की सुबह जब तेज आंधी-बारिश आई तो वह पशुशाला से घर की ओर जा रहीं थीं। रास्ते में एक शीशम का पेड़ टूटकर बिजली की केबल पर गिर गया। पेड़ के वजन से बिजली का खंभा धराशायी हो गया और नेमवती खंभे के नीचे दब गईं। भाई और आसपास के लोगों ने उन्हें खंभे के नीचे से निकाला और उपचार के लिए ले गए। रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।
दूसरी ओर गांव निवासी भगवान सिंह घर के बाहर बनी झोपड़ी को तेज आंधी से बचाने के लिए छप्पर को पकड़कर खड़े हो गए थे। इस दौरान दीवार उन पर गिर गई। ग्रामीणाें ने बाहर निकाला और संभल के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया गया। मुरादाबाद जाते समय दम तोड़ दिया। भगवान सिंह की पत्नी पूजा ने बताया कि पति खेती-किसानी करते थे। बेटे प्रवेंद्र और बेटी मीनाक्षी का रो रोकर बुरा हाल है।
नायब तहसीलदार व लेखपाल मौके पर पहुंचे, जुटाई जानकारी
आंधी-बारिश में दीवार व खंभे के नीचे दबकर दो लोगाें की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे। साथ ही नायब तहसीलदार व लेखपाल ने भी मौके पर पहुंचकर मृतकों के परिजनों से हादसे की जानकारी ली। प्रशासन की टीम ने रिपोर्ट तैयार कर आला अधिकारियों को भेजने की बात कही है, जिससे प्राकृतिक आपदा के तहत कोई राहत मिल सके।
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ग्रामीणों के लिए बनी आफत की आंधी
गांव काजी बहेटा में सूरजपाल का मकान गिर गया। मकान के मलबे में दबकर सूरजपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी एक बकरी की भी मौके पर ही मौत हो गई। गांव बरखेड़ा में 100 साल से ज्यादा पुराना पीपल का पेड़ गिर गया। इस पेड़ के नीचे बंधी विजयपाल की गाय की मौत हो गई। संवाद