जुनावई (संभल)। बहुचर्चित भाजपा नेता गुलफाम सिंह यादव की हत्या में वांछित चल रहे एक लाख के इनामी मुख्य आरोपी धर्मवीर उर्फ धम्मा ने मंगलवार को पुलिस को चकमा देकर बदायूं कोर्ट में बुर्का पहनकर आत्मसमर्पण कर दिया। मामले में एसपी ने कोर्ट में आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए तैनात किए गए दरोगा समेत दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
गांव दबथरा हिमंचल में 10 मार्च को भाजपा नेता गुलफाम सिंह यादव की जहरीला इंजेक्शन पेट में घोंपकर कर हत्या कर दी गई थी। मृतक के बेटे दिव्य प्रकाश यादव ने ब्लाॅक प्रमुख रवि यादव, महेश यादव सहित चार नामजद व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने छह लोगों को 25 मार्च को जेल भेज दिया। जबकि ढड़वारा गांव निवासी नेमपाल और मैढोली गांव निवासी धर्मवीर उर्फ धम्मा का नाम प्रकाश में आया था। इन दोनोंं फरार हत्यारोपियों पर एक-एक लाख रुपए कर ईनाम घोषित किया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बदायूं व अन्य न्यायालय के गेट पर तैनात की गई थी। 19 अप्रैल को आरोपी नेमपाल ने आत्मसमर्पण कर दिया था। धर्मवीर उर्फ धम्मा को पकड़ने के लिए बदायूं न्यायालय के गेट पर दरोगा रामवीरेश यादव, कांस्टेबल सौरभ कुमार को बदायूं न्यायालय के गेट और शुभम को पैरवीकार में लगाया गया था। 12 मई को धर्मवीर उर्फ धम्मा ने बुर्का पहनकर चोरी के मामले में आत्मसमर्पण कर दिया। जिस पर एसपी ने दरोगा और दोनों कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। सीओ दीपक तिवारी ने बताया कि एक सब इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है। किस मामले में निलंबन कार्रवाई की गई है ये जानकारी नहीं है।