सड़क के किनारे अलाव ताप रहे सात लोगों के लिए नव वर्ष का पहला दिन काल बन कर आया। भीषण कोहरे के चलते सोमवार को सुबह साढ़े सात बजे संभल-मुरादाबाद मार्ग पर महमूदपुरमाफी के निकट हादसा हो गया। पिकअप में टक्कर मारने के बाद भाग रहे बेकाबू ट्रक ने सात लोगों को रौंद दिया। तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि पांच लोग घायल हो गए।
घटना से आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर आए। शव रखकर जाम लगा दिया। डीएम को मौके पर बुलाने और चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साढ़े चार घंटे तक जाम लगा रहा। चार-पांच किलोमीटर दूर तक सड़क पर वाहन फंस गए। एडीएम और एएसपी मौके पर पहुंचे। तीन थानों की पुलिस हालात को संभालने में लगी। राजनीतिक नेताओं और पुलिस-प्रशासन के अफसरों के आश्वासन पर जाम खुला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मुरादाबाद भेजा गया।
नखासा थाना क्षेत्र के महमूदपुरमाफी के निकट मुरादाबाद जिले के बार्डर पर लकड़ी के टाल के बाहर यह हादसा उस वक्त हुआ जब सीमेंट से लदे एक ट्रक पहिया फटा और ट्रक अचानक बेकाबू हो गया। अनाज से भरी पिकअप से ट्रक टकरा गया। पिकअप पलट गई। टक्कर लगने के बाद भाग रहे ट्रक चालक ने सड़क किनारे अलाव पर ताप रहे सात लोगों को रौंद दिया। टक्कर लगने से सड़क किनारे रखीं बल्लियां बिखर गई। लोग दब गए। आसपास के लोग दौड़ पड़े। बल्लियां काटकर लोगों को बाहर निकाला गया।
रामपुर जिले की शाहाबाद तहसील के दनियापुर गांव निवासी इस्लाम (38) , मुरादाबाद जिले की बिलारी तहसील के महमूदपुरमाफी गांव निवासी जबर सिंह (55) और इसी गांव के निवासी मुकेश (42) मौके पर मौत हो गई। जबकि सूरज , सुभाष , मित्रपाल , शीशपाल निवासी महमूदपरमाफी तथा जाकिर दनियापुर घायल हो गए। ट्रक और पिकअप चालक मौके से भाग गए। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने संभल-मुरादाबाद मार्ग पर शवों को रखकर जाम लगा दिया। तत्काल डीएम को मौके पर बुलाने और चालकों को गिरफ्तार करने की मांग की। अधिकारियों ने जाम लगाए लोगों को समझाया।
अचानक किसी ने पुलिस की तरफ पत्थर उछाल दिया। दो-तीन पत्थर आते ही पुलिस ने लाठी फटकार कर लोगों को खदेड़ना शुरू कर दिया इससे भगदड़ मच गई। साढ़े चार घंटे बाद अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं के पहुंचने पर जाम खुला। जाम खुलवाने वालों में बिलारी के विधायक मोहम्मद फहीम, सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां, नगर पंचायत के चेयरमैन वसीम खां, बसपा के पूर्व विधायक गिरीश चंद्र, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार मौजूद रहे। बाद में पूर्व सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क भी पहुंचे। पीड़ितों के प्रति हमदर्दी जाहिर की। बसपा के पूर्व मंत्री अकीलुर्रहमान ने पीड़ितों के लिए मदद दिलाने की मांग की।
जाम के दौरान अपर जिलाधिकारी आरपी यादव, अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडेय, सीओ गमलेश्वर बिल्टोरिया, संभल के एसडीएम राशिद अली खां, बिलारी के एसडीएम रामप्रकाश के अलावा तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंचकर हालात संभाले। जबर सिंह की मौत के बाद उनके बेटे धर्मेंद्र ने ट्रक चालक पर लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। ट्रक और पिकअप को पुलिस ने कब्जे में लिया है।
पांच किलोमीटर लंबा जाम लगा
संभल। नखासा थाना क्षेत्र के महमूदपुरमाफी में हुए सड़क हादसे के बाद संभल- मुरादाबाद मार्ग पर साढ़े चार घंटे जाम के हालात बने रहे। परिजनों और ग्रामीणों ने शवों को सड़क पर कार्रवाई की मांग को लेकर जाम लगाया था। इससे संभल- मुरादाबाद मार्ग पर यातायात बाधित रहा। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोनों ओर से करीब चार किलो मीटर लंबा जाम लग गया। जाम में सैकड़ों वाहन और रोडवेज की बसें फंसी रहीं।
कठोर कार्रवाई और आर्थिक मदद दिलाने के आश्वासन पर खुुला जाम
संभल। ट्रक और पिकअप ड्राइवर के खिलाफ परिजनों ने संभल- मुरादाबाद मार्ग को कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर जाम लगा दिया था। पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए काफी प्रयास किए लेकिन कई घंटे तक जाम नहीं खुल सका। उसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडेय ने मृतक के परिजनों को ड्राइवर के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर जेल भेजने व सरकार से मदद दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। एससपी ने परिजनों को तहरीर देने के लिए थाने भेज दिया और उसके बाद जाम खुल गया।
जाम खुलवाने के लिए पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा तो मची भगदड़
संभल। संभल-मुरादाबाद मार्ग पर महमूदपुरमाफी में सड़क हादसे में हुई तीन युवकों की मौत के बाद परिजनों ने मार्ग पर साढ़े चार घंटा तक जाम लगाया। पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए तो एक बार भीड़ पर लाठी फटकार खदेड़ने की कोशिश की। इस बीच अफरातफरी भी मच गई लेकिन लोगों ने जाम नहीं खोला। इसके बाद वार्ता और आश्वासन से जाम खुलवाने में सफलता मिली।