वर्ष 2018 के पहले ही दिन संभल जिले में कई अधिकारी समय से कार्यालय नहीं पहुंचे। हाल यह रहा कि 10.45 बजे तक कई कार्यालयों में चंद कर्मचारी ही मौजूद थे। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट आदेश हैं कि सुबह 9 बजे से 11 बजे तक प्रशासनिक अधिकारी अपने- अपने कार्यालयों में बैठकर जनता की समस्याएं सुनें।
वहीं सामान्य तौर पर सभी अधिकारियों को 10 बजे से 12 बजे तक अपने अपने कार्यालय पर मौजूद रहना है। इसी क्रम में अमर उजाला टीम ने सोमवार को सरकारी कार्यालयों का हाल देखा तो चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। उम्मीद थी कि नए साल में अधिकारी नई उमंग और उत्साह से काम करते हुए जनता की समस्याओं को सुनने के लिए अपने अपने कार्यालयों में मुस्तैद मिलेंगे पर ऐसा न हो सका।
सुबह 10.20 बजे - एसडीएम-सीओ कार्यालय
संभल में एसडीएम और सीओ कार्यालय में कर्मचारी मौजूद थे। मगर एसडीएम राशिद अली खां नहीं मिले। वहीं कार्यालय में सीओ गमलेश्वर बिल्टोरिया नहीं थे। कर्मचारियों ने बताया कि सिरसी क्षेत्र के महमूदपुरमाफी में सड़क हादसा हुआ है। साहब वहीं गए हुए हैं। हालांकि इस बीच कायर्तालयों पर फरियादियों की संख्या भी नहीं दिखी।
सुबह 10.30 बजे - ब्लाक कार्यालय
संभल में खंड विकास अधिकारी रेणू कुुमारी कार्यालय में नहीं थीं। कर्मचारी काम में जुटे हुए थे। उन्होंने बताया कि बीडीओ पर असमोली ब्लाक का भी चार्ज है। वह वहीं होंगी। कार्यालय में कई एडीओ भी सीट पर नहीं मिले। हां, दफ्तर में बैठे दो बाबू कामकाज निपटा रहे थे।
सुबह 10.40 बजे - एडीएम दफ्तर व आपूर्ति कार्यालय
संभल में कार्यालय में रखी कुर्सी खाली पड़ी थी। क्योंकि एडीएम आरपी यादव मौजूद नहीं थे। हालांकि यहां बताया गया कि साहब नौ बजे के बाद कुछ देर बैठकर चले गए। बाद में पता लगा कि एडीएम सड़क हादसे की घटना की खबर मिलते ही मौके पर गए हैं। आपूर्ति विभाग के कार्यालय के चैनल पर ताला लगा हुआ मिला। बाहर एक प्राइवेट कर्मचारी खड़ा हुआ था। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी भी कार्यालय नहीं पहुंच सके थे।
सुबह 10.42 बजे - तहसील व एआरटीओ कार्यालय
संभल में तहसीलदार करम सिंह चौहान और नायब तहसीलदार नितिन तनेजा कार्यालय में नहीं थे। इस बीच गांव-देहात के लोग अपने काम के लिए तहसील पर पहुंचने लगे थे। एआरटीओ शेर सिंह और पीटीओ रमेश चंद्र प्रजापति भी कार्यालय में नहीं थे। कुछ कर्मचारी बाहर खड़े हुए थे। साफ हुआ कि दोनों अधिकारी कार्यालय नहीं पहुंचे हैं।एआरटीओ ने बताया कि वह डीएम के कहने पर भंवाच में स्वच्छ शौचालय बनाने के लिए प्रमाणपत्र देने गए थे।
सुबह 10.40 बजे - पवांसा के कार्यालयों में नहीं थे कई अधिकारी
पवांसा स्थित जिला नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय में अधिकारी नरेंद्र पाल सिंह और परियोजना प्रबंधक नितिन कनौजिया नहीं पहुंचे थे। डीपीओ दफ्तर में भी अजय कुमार त्रिपाठी नदारद मिले। इसके अलावा बाल विकास परियोजना कार्यालय में सीडीपीओ सरोज नहीं थीं।