बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेते एडीएम संभल।
दो दिन तक पहाड़ों पर थमी बारिश एक बार फिर से शुरू हो गई है। जिससे हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। अगर पहाड़ों पर बारिश का क्रम जारी रहा तो फिर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में परेशानी खड़ी हो सकती है। लिहाजा प्रशासन की ओर से लगातार सतर्कता बरती जा रही है।
शनिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने के लिए नवागत एडीएम रघुपुर पुख्ता गांव के जंगलमें पहुंचे। जहां उन्होंने एक ठेकेदार को कुछ स्थानों पर मिट्टी डालने का निर्देश दिया। और ग्रामीणों को निश्चिंत रहने का भरोसा दिया।
एक सप्ताह तक थमी बारिश के बाद बाढ़ प्रभावित गांवों में गंगा का पानी घट रहा है। रघुपुर पुख्ता से पानी सूख गया है। शनिवार को नरौरा बांध से गंगा नदी में 1,36,549 क्यूसेक प्रति सेकेंड की दर से पानी छोड़ा गया। जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पानी कम होगा। लेकिन पहाड़ों पर एक बार फिर से बारिश शुरू हो गई है। जिसके चलते हरिद्वार में गंगा का बहाव 47 हजार से बढ़कर शनिवार को 49,640 क्यूसेक प्रति सेकेंड हो गया।
जबकि बिजनौर बांध से 67,299 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हरिद्वार में फिर से पानी बढ़ने के बाद एक बार फिर से इसका असर गंगा नदी के मैदानी क्षेत्रों पर पड़ेगा और आगामी दिनों में बाढ़ प्रभावित इलाकों में परेशानी खड़ी हो सकती है।
वर्तमान में नरौरा में गंगा का जलस्तर 178.04 मीटर बना हुआ है जोकि खतरे के निशान(178.76मीटर) से 74 सेमी नीचे है। प्रशासन की ओर से शनिवार को नवागत एडीएम लवकुश त्रिपाठी व तहसीलदार करमसिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालातों को जायजा लिया। ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें किसी प्रकार की चिंता न करने का भरोसा दिया। ब्यूरो