चंदौसी। पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब बाजार और परिवहन कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ती महंगाई के बीच ट्रांसपोर्टर और व्यापारी दोनों ही आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। माल भाड़ा बढ़ाने को लेकर ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ट्रांसपोर्टरों ने भाड़ा बढ़ाने की बात कही तो व्यापारियों ने माल मंगवाना ही कम कर दिया। पहले जहां रोज आठ से दस गाड़ी माल उतरता था, वहीं अब दो-तीन ट्रक ही उतर रहा है।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों के कारण परिवहन लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। हाल ही में माल भाड़ा बढ़ाने का प्रयास किया गया था, लेकिन व्यापारियों ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके चलते कई व्यापारियों ने माल भेजना और मंगाना तक बंद कर दिया। मजबूरी में फिलहाल भाड़ा नहीं बढ़ाया गया, लेकिन ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो जल्द ही माल भाड़ा बढ़ाना पड़ेगा।
ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार पहले जहां प्रतिदिन आठ गाड़ियों का माल उतरता था, वहीं अब यह संख्या घटकर दो गाड़ियों तक रह गई है। पिछले दिनों दिल्ली में आठ दिन चली हड़ताल का असर भी कारोबार पर पड़ा है।
ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि डीजल महंगा होने के साथ ही टोल टैक्स भी काफी बढ़ गया है। पहले टोल टैक्स करीब सात रुपये प्रति किलोमीटर पड़ता था, जो अब बढ़कर 16 रुपये प्रति किलोमीटर तक पहुंच गया है। इसके अलावा वाहन फिटनेस शुल्क 4500 रुपये से बढ़कर 9000 रुपये और परमिट शुल्क 19,500 रुपये से बढ़कर 30,000 रुपये हो गया है।
व्यापारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के कारण अब जरूरत के हिसाब से ही माल मंगाया जा रहा है। वहीं ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि पहले ही ऑनलाइन शॉपिंग के कारण कारोबार प्रभावित था, अब ईंधन की महंगाई ने स्थिति और खराब कर दी है। इसलिए अब माल मंगाना ही कम कर दिया है। इसका असर ट्रक चालकों और पल्लेदारों की रोजी-रोटी पर भी पड़ रहा है।
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ट्रांसपोर्टर बोले
पिछले दिनों माल भाड़ा बढ़ाया गया था लेकिन व्यापारियों ने स्वीकार नहीं किया। वहीं फिलहाल कंपनियों ने भी रेट नहीं बढ़ाए हैं। हालात ऐसे हैं कि जल्दी ही माल भाड़ा बढ़ाना पड़ सकता है। खर्चे बढ़ रहे हैं और काम कम होता जा रहा है।
हरपाल शर्मा, जय बालाजी ट्रांसपोर्ट मालगोदाम रोड चंदौसी
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डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट पर काफी असर पड़ा है। जहां आठ गाड़ी दिन में उतरती थीं वहां अब दो गाड़ी ही उतर रही हैं। व्यापारी माल नहीं मंगवा रहे। माल भाड़ा भी जल्दी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। यही हाल रहा तो ट्रांसपोर्ट का खर्च निकालना मुश्किल हो जाएगा।
अंतेश गुप्ता, आशीर्वाद गुड्स करियर सुभाष रोड चंदौसी
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से कारोबार पर असर पड़ रहा है। चंदौसी में कोई बड़ा ट्रांसपोर्ट नहीं है। रिफाइंड आदि के टिन पर कंपनियां रेट बढ़ाने की सोच रही हैं। बाहर से माल आने में माला भाड़ा बढ़ कर आ रहा है। इस लिए ट्रांसपोर्ट की जगह अपनी गाड़ियों से माल मंगाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा।
हरिगोपाल वार्ष्णेय, तेल व्यापारी चंदौसी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की मूल्य वृद्धि का असर भारत में भी माल भाड़े में वृद्धि के रूप में हुआ है। माल भाड़े में बढ़ोतरी के कारण हुई वस्तुओं के मूल्य में वृद्धि का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। आशा है कि स्थिति सामान्य होगी और आम जनता को राहत मिलेगी।
राजीव वार्ष्णेय, व्यापारी चंदौसी
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बोले ट्रक चालक
बदायूं के उझानी निवासी ट्रक चालक विजय प्रधान ने बताया कि वह दिल्ली से बदायूं के लिए ट्रक चलाते हैं। उन पर अपनी भी तीन गाड़ियां हैं। डीजल महंगा होने के साथ ही टोल टैक्स बढ़ाया गया है। वाहन फिटनेस और परमिट का खर्च बढ़ाया गया है। इसके अलावा रोड पर चलने में अन्य खर्च भी होते हैं। यही हाल रहा तो ट्रक चलाना मुश्किल हो जाएगा।
बरेली के ट्रक चालक महेश कुमार ने बताया कि डीजल पर दाम बढ़ने के साथ ही व्यापार पर असर पड़ा है। व्यापारी माल नहीं मंगवा रहे और न ही भेज रहे हैं। इसके अलावा अन्य खर्चे भी बढ़ गए हैं। ऐसे में गाड़ियों के चक्कर कम हो गए हैं। रोजी-रोटी पर संकट गहराने लगा है।