चंदौसी (संभल)। राजकीय आईटीआई में आधुनिक टेक्नोलॉजी से युक्त वर्कशॉप में मैकेनिकल, इलेक्ट्रिक, व्हीकल्स का ट्रेनर न होने की वजह से प्रशिक्षार्थियों को पर्याप्त प्रशिक्षण प्राप्त नहीं हो पा रहा है। अन्य शिक्षकों से प्रशिक्षण देकर खाना पूर्ति की जा रही हे। संस्थान का कहना कि उन्होंने ट्रेनर के लिए डिमांड भेज दी है।
राजकीय आईटीआई चंदौसी में टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के सहयोग से शासन ने करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से आधुनिक वर्कशॉप को बनाकर तैयार किया था। जिसमें कंप्यूटर युक्त छह क्लास रूम, एडवांस रोबोटिक मशीन, एक इलेक्ट्रॉनिक कार, एक डीजल पिकअप व दो बैटरी से चलने वाले ई-टेंपो के अलावा कटिंग मशीन, मशीनों का लेआउट, पेंट बूथ मशीन आदि उपलब्ध कराई गई थी। दरअसल शासन की मंशा थी कि आधुनिक वर्कशॉप व एडवांस कोर्स के माध्यम से युवा नई टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण प्राप्त कर आसानी से औद्योगिक क्षेत्र में नौकरी हासिल कर सकें। इसके लिए चंदौसी आईटीआई में पिछले वर्ष मैकेनिकल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, एडवांस प्लम्बिंग और मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन के लिए युवाओं से आवेदन लिए गए थे। जिसमें करीब 100 प्रशिक्षार्थियों ने प्रवेश लिया था। लेकिन बीते वर्ष से ही वर्कशॉप में मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन और प्लंबिंग के ट्रेनर उपलब्ध कराए गए। पर मैकेनिकल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के ट्रेनर उपलब्ध नहीं हो सके। जिसके चलते इस ट्रेड के परीक्षार्थियों को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा। राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य डॉ. नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि मैकेनिकल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के ट्रेनर के लिए शासन को डिमांड भेज दी है। उम्मीद है कि जल्द ही ट्रेनर उपलब्ध हो जाएगा।