बनियाठेर के मुरादाबाद हाईवे पर बिना रिफ्लेक्टर टेप लगे गुजर रही गन्ने से भरी ट्रैक्टर - ट्रॉलिय
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चंदौसी। घने कोहरे के बीच सड़कों पर सबसे बड़ा खतरा बिना रिफ्लेक्टर लगे वाहन बनते जा रहे हैं। खासकर बिना रिफ्लेक्टर टेप लगी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां हाईवे और प्रमुख मार्गों पर बेधड़क दौड़ रही हैं, लेकिन इन्हें रोकने के लिए जिम्मेदार कोई ठोस कदम उठाते नजर नहीं आ रहे। जबकि इसके लिए पुलिस और परिवहन विभाग ने कुछ दिन का अभियान चलाया, पर उसके बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई।
कोहरे के मौसम में दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में बिना रिफ्लेक्टर टेप लगी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां वाहन चालकों को दिखाई नहीं देतीं। ऐसी ट्रैक्टर ट्रॉलियां वाहन चालकों को दिखती नहीं, ऐसे में वाहन चालक को संभलने का मौका तक नहीं मिल पाता और हादसे हो जाते हैं।
हालांकि परिवहन विभाग की ओर से हाईवे पर अभियान चलाकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रोका गया और उनमें रिफ्लेक्टर टेप भी लगवाए गए। पर कुछ ही दिनों में अभियान समाप्त कर दिया गया। इसके बाद न तो नियमित चेकिंग हुई और न ही नियमों का पालन कराया गया। मुरादाबाद रोड, बदायूं रोड, चंदौसी-बहजोई मार्ग समेत शहर के अंदरूनी रास्तों पर भी बिना रिफ्लेक्टर टेप लगी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खुलेआम चल रही हैं।
रात और सुबह के समय कोहरा घना होने पर खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक सख्ती नहीं होगी, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे। वरना कोहरे के मौसम में ये बिना रिफ्लेक्टर वाहन किसी भी समय बड़ा हादसा कर सकते हैं। यातायात प्रभारी दुष्यंत बालियान ने बताया कि कोहरे के चलते वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने का अभियान चल रहा है। शुगर मिल में ट्रैक्टर-ट्रालियों पर रिफलेक्टर लगाए गए हैं और अभियान जारी है।