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Sambhal News: एक रुपये किलो भी नहीं बिक रहा टमाटर, फेंक रहे किसान

Thu, 29 May 2025 01:26 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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ओबरी। टमाटर की खेती इस बार किसानों के लिए घाटे का सौदा बनकर रह गई है। टमाटर का उत्पादन अधिक होने से दाम घटे हैं। हालत यह है कि आमदनी तो दूर, खेत से टमाटर को टुड़वाने की लागत भी नहीं निकल पा रही है। इस कारण किसान खुद ही तोड़कर सड़क किनारे फेंक रहे हैं।
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संभल जिले के गांव चंदवार निवासी किसान कांता प्रसाद का कहना है कि टमाटर की खेती करने वाले किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साल 2024 में टमाटर के दाम मंडियों में 15 से 20 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे। इस बार भी किसानों ने बड़ी संख्या में टमाटर की फसलें उगाई हैं। वर्तमान में टमाटर 240 रुपये प्रति क्रेट पर बिक रहा है। जबकि 2024 में टमाटर के थोक दाम 500 रुपये प्रति क्रेट तक पहुंच गए थे।

सब्जी व्यापारी होरीलाल के मुताबिक, रविवार तक सब्जी मंडी में टमाटर की अधिक आवक रही। जिसके चलते टमाटर के दाम काफी निचले स्तर तक चले गए। छोटे टमाटर पचास पैसे से लेकर एक रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं। किराया और वारदाने की लागत अधिक होने के कारण किसानों को छोटा टमाटर फेंकना पड़ रहा है, जबकि एक नंबर क्वालिटी का टमाटर अधिकतम 9 रुपये किलो तक बिक रहा है। टमाटर के दाम, मांग और पूर्ति के नियम अनुसार कम हैं। वर्तमान में डिमांड से ज्यादा पूर्ति हो रही है। इसी के चलते किसानों को वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा।
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टमाटर की खेती में कितना आता है खर्च

किसान के मुताबिक टमाटर की खेती में प्रति क्रेट की बात की जाए तो प्रति क्रेट 80 रुपये का भाड़ा लग जाता है। इसके अलावा टमाटर के बीज से लेकर उसे तोड़ने तक का खर्चा 90 रुपये क्रेट आता है। इस प्रकार किसानों को लागत नहीं मिल पा रही।
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