रजपुरा(संभल)। करीब तीन करोड़ रुपये की जमीन हड़पने के लिए दो महिलाएं फर्जी दस्तावेज बनवाकर एक व्यक्ति की कागजों में बेटियां बन गईं और एक जमीन पर अपना मालिकाना हक भी जताने लगीं। जमीन खरीदने वाले व्यक्ति ने छानबीन कराई तो हकीकत सामने आ गई। रजपुरा थाने में दो महिला समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस ने छानबीन शुरू की तो महिलाओं से फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए। जिसमें उन्होंने जमीन मालिक की बेटियां होने के प्रमाण बताए थे। यह दस्तावेज जांच पड़ताल में फर्जी पाए गए। इसके बाद दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। एएसपी अनुकृति शर्मा ने बताया कि महिलाओं को न्यायालय में पेश किया गया था। जहां से जेल भेज दिया गया है।
एएसपी ने बताया कि फिरोजाबाद के गांव छोटा मिर्जा का नगला निवासी राधारमन गोविंद ने गवां में करीब सात बीघा जमीन में वर्ष 2004 में पेट्रोल पंप लगाया था। वर्ष 2014 में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनकी पत्नी नवोदय विद्यालय में शिक्षिका थीं, उनकी मृत्यु वर्ष 2021 में हो गई थी। जिसके बाद बेटी अनुराधा वार्ष्णेय और अद्वितीय वार्ष्णेय के नाम विरासत दर्ज हो गई। वर्ष 2024 में अद्वितीय वार्ष्णेय ने बड़ी बहन से एनओसी लेकर 20 अप्रैल 2024 को विकास गोयल, राधेश्याम वार्ष्णेय, राकेश कुमार और अंकित बंसल आदि के नाम जमीन का बैनामा कर दिया था। जब बैनामा प्रक्रिया पूरी हुई तो गौतमबुद्ध नगर के सूरजपुर धर्मपाल वाटिका की संगीता चौहान और हनुमान विहार सेक्टर की नीरा सिंह ने फर्जी दस्तावेज दिखाते हुए राधारमन गोविंद की बेटी होने का दावा किया था।
एएसपी ने बताया कि इस मामले में बबराला निवासी राकेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिलाओं से वारिसान, मृत्यु प्रमाणपत्र, पैन कार्ड बरामद हुआ है। परिवार रजिस्टर की भी कॉपी मिली है। सभी की छानबीन में यह फर्जी दस्तावेज पाए गए हैं। बताया कि आरोपी महिलाएं रिश्ते की देवरानी और जेठानी हैं। इनके गिरोह में कौन-कौन शामिल है, इसकी छानबीन की जा रही है।