जिलेभर के 799 परिषदीय विद्यालयों के कक्षों में अभी तक टाइल्स लगाने का कार्य नहीं किया गया है। इससे ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सरकारी स्कूलों के कक्षों में टाइल्स लगाने की शासन की मंशा को करारा झटका लग रहा है।
जिलेभर में बेसिक शिक्षा परिषद के कुल 1289 परिषदीय विद्यालयों का संचालन किया जा किया रहा है। इन विद्यालयों के सुंदरीकरण के लिए शासन की ओर से ऑपरेशन कायाकल्प योजना चलाई गई है। अब खास बात यह है कि विभाग के मुताबिक हाल में कुुल 490 सरकारी स्कूलों के ही कक्षों में टाइल्स का कार्य कराया गया है। शेष 799 परिषदीय विद्यालयों में अभी भी टाइल्स का कार्य नहीं किया गया। इनमें विकासखंड जुनावई के 74, बहजोई के 93, रजपुरा के 114, असमोली के 73, गुन्नौर के 83, बनियाखेड़ा के 97, पंवासा के 159 व विकासखंड संभल के 86 सरकारी स्कूल शामिल हैं। इसी प्रकार नगर क्षेत्र संभल के 3 व चंदौसी के 17 परिषदीय विद्यालयों के कक्षों में अभी तक टाइल्स नहीं लगाई गई हैं।
एडीएम कमलेश कुमार अवस्थी का कहना है कि नगर क्षेत्रों के कुछ परिषदीय विद्यालय किराए पर हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कुल 11 परिषदीय विद्यालयों में से 7 विद्यालयों के कक्षों में टाइल्स लगाए जाने का कार्य पूरा हो चुका है। शेष 4 विद्यालयों के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जा रहा है। वहीं ग्रामीण अंचलों के विद्यालयों के कक्षों में टाइल्स का कार्य कराए जाने को लेकर डीपीआरओ जाहिद हुसैन का कहना है कि वैसे तो अधिकतर विद्यालयों के कक्षों में टाइल्स का कार्य कराया जा रहा है। शासन की मंशा के मुताबिक पहले ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य कराया जाना था। इसको लेकर पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा कराए जाने पर जोर है। इसके बाद माह जुलाई 2022 में ही परिषदीय विद्यालयों के कक्षों में टाइल्स का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।