सरकारी स्कूलों में इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई करने वाले छात्रों के सामने हिंदी मीडियम में प्रवेश का संकट आ गया है। ये छात्र अब फिर से हिंदी मीडियम से पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कक्षा पांच उत्तीर्ण करने के बाद छात्रों के प्रवेश के लिए इंग्लिश मीडियम का सरकारी स्कूल नहीं है और अभिभावक आर्थिक समस्या के चलते निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल में प्रवेश कराने में सक्षम नहीं है।
संभल जनपद में 1289 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें से प्राइमरी स्कूल, जूनियर हाईस्कूल व कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। संभल जनपद में वर्ष 2018 व 2019 में कुल 125 सरकारी विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कराई गई थी। इनमें से करीब 110 प्राइमरी इंग्लिश मीडियम और 15 जूनियर हाईस्कूल शामिल हैं। इन विद्यालयों में करीब 15 हजार छात्र पंजीकृत हैं। इन विद्यालयों में अंग्रेजी मीडियम से बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है। इनमें करीब तीन हजार छात्रों ने कक्षा पांच उत्तीर्ण की है। अब उन्हें कक्षा छह में प्रवेश करना है। अधिकांश गांव में जो जूनियर हाईस्कूल हैं वह हिंदी मीडियम के हैं। ऐसे में इंग्लिश मीडियम से कक्षा पांच उत्तीर्ण करने वाले छात्र अब हिंदी मीडियम से पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
सरकारी स्कूल में बिटिया इंग्लिश मीडियम में पढ़ रही थी। निजी अंग्रेजी मीडियम के स्कूलों में फीस अधिक है। इस कारण अब उसका हिंदी मीडियम में प्रवेश कराया गया है।
बंटी सिंह, अभिभावक गांव कैथल
गांव में कक्षा पांच तक ही सरकारी स्कूल में इंग्लिश मीडियम में पढ़ाया जाता है। जूनियर हाईस्कूल में हिंदी में पढ़ाया जाता है। अब हिंदी मीडियम में ही प्रवेश कराया है।
राजेंद्र सिंह, अभिभावक गांव कैथल
जहां-जहां सरकार ने प्राइमरी स्कूलों को इंग्लिश मीडियम बनाया था, वहां जूनियर हाईस्कूल को भी इंग्लिश मीडियम बनाना चाहिए था, ताकि बच्चों को दिक्कत न हो। मजबूरी में बिटिया का हिंदी मीडियम में प्रवेश कराया है।
हरिओम, अभिभावक गांव कैथल।
गत वर्ष सभी विद्यालयों में इंग्लिश मीडियम की किताबें पहुंचाई गई थीं। प्राइमरी इंग्लिश मीडियम से कक्षा पांच उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के समक्ष कक्षा छह में इंग्लिश मीडियम की समस्या आ रही है। शासन के निर्देश मिलते तो जूनियर हाईस्कूलों को भी इंग्लिश मीडियम संचालित कराया जाता। यह स्थानीय स्तर की समस्या नहीं है।
मुकेश कुमार पाठक, जिला समन्वयक, बेसिक शिक्षा विभाग संभल