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संभल जिले के अतरासी में बुखार से एक दिन में तीन मौतें

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संभल के अतरासी में वायरल बुखार से महिला की मौत के बाद रोते विलखते परिजन। - फोटो : SAMBHAL
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संभल। पवांसा ब्लॉक के गांव अतरासी में वायरल बुखार का प्रकोप है। इसी के चलते गर्भवती महिला व छात्रा समेत तीन लोगों की जान गई है। पांच सौ से अधिक लोग बीमार हैं। इसमें ज्यादातर बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण किया है। साथ ही तेज बुखार पीड़ितों की स्लाइड बनाई है। मरीजों को साफ-सफाई और खानपान में एहतियात बरतने की सलाह दी है। गांव में बुखार से हुईं मौतों के बाद हड़कंप मचा हुआ है।
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सोमवार की सुबह अतरासी गांव में बुखार ने तीन लोगों की जान ली है। इसमें निर्देश यादव (13) पुत्र सौरन सिंह तीन दिन से बीमार था। दिल्ली ले जाते समय मौत हुई। भीमसेन (57) पुत्र साहब सिंह की सोमवार सुबह नौ बजे गांव के ही निजी अस्पताल में मौत हुई है। वह चार दिन से बीमार थे। कामिनी (28) पत्नी यूसुफ तीन दिन से बीमार थी। पति के मुताबिक कामिनी को टायफाइड था।
कामिनी की मौत उसके ही घर में दिन में करीब सवा दस बजे हुई। गांव के ही निजी चिकित्सक उपचार कर रहे हैं। कामिनी का बेटा जैद (7 वर्ष) और जुनैद (9) भी बुखार पीड़ित हैं। जैद अस्पताल में भर्ती है। जुनैद का गांव में उपचार चल रहा है। एक दिन में हुईं तीन मौतों के बाद गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को फोन कर सूचना दी।
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जिसके बाद जिलाधिकारी ने तत्काल गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा। दोपहर पौने चार बजे गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जो मरीज तेज बुखार से पीड़ित थे उनके खून के नमूने लिए गए हैं। वहीं 231 मरीजों को दवाई दी गई है। अधिकतर बुखार पीड़ित थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सफाई व्यवस्था बनाने और खानपान में एहतियात बरतने की हिदायत दी है।
शिविर में 231 मरीजों का परीक्षण, 158 बुखार पीड़ित मिले
संभल। पवांसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. असद अंसारी ने बताया कि गांव में बुखार का प्रकोप है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 231 मरीजों का परीक्षण किया जिसमें 158 बुखार पीड़ित निकले। तीन मलेरिया पाजिटिव थे। जो तीन मौतें बुखार से बताईं गई हैं। उसमें भीमसेन लंबे समय से बीमार था। जबकि कामिनी की अजमेरशरीफ से लौटते समय हालत बिगड़ी। जबकि निर्देश बीमार हुआ था। उसका एशियन हसीना बेगम और मुरादाबाद के कॉसमॉस अस्पताल में उपचार हुआ। वहां से दिल्ली के रेफर किया गया था। रास्ते में दम तोड़ा है। तीनों मौतों की वजह क्या है यह तब साफ होगी जब जांच रिपोर्ट मिलेगी। अभी परिजन दुखी हैं। इसलिए ज्यादा विवरण परिजनों से नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार को भी गांव में शिविर लगाएगी।
गांव में गंदगी के ढेर, क्यों न फैले बीमारी
संभल। अतरासी गांव में गंदगी के ढेर हैं। जलभराव भी है। मच्छर पनप रहे हैं। स्वच्छता के नारे तो हर गांव में लगे हैं। यहां पर भी लगाए गए हैं लेकिन हकीकत कुछ और है। गांव में बीमारी फैलने के लिए गंदगी एक बड़ा कारण है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग और ग्राम पंचायत इस ओर बेखबर रहे। यही वजह है कि गांव में लोग बुखार से पीड़ित हो गए। जब तीन मौतें हो गईं तब सरकारी तंत्र का ध्यान गया।
गांव में अपंजीकृत चिकित्सकों से कराया अधिकतर ने इलाज
संभल। अपंजीकृत चिकित्सकों के छह क्लीनिक गांव में हैं। अधिकतर बुखार पीड़ितों ने इनसे ही उपचार कराया है। क्योंकि आम तौर पर लोग गांव के ही चिकित्सक से दवाई लेना पसंद करते हैं। गांव में जब तीन लोगों की मौत हो गई तो गांव के अपंजीकृत चिकित्सक चिंता में आ गए और कई ने क्लीनिक बंद कर दिए हैं। मरीजों को अब सरकारी चिकित्सा सेवाओं का ही सहारा बचा है।
मैंने गांव में टीम भेजी है। बुखार से मौतों की सूचना मिली थी लेकिन अभी पुष्टि नहीं है। बुजुर्ग तो काफी समय से बीमार था। दूसरी मौतों के बारे में सीएचसी के प्रभारी से रिपोर्ट मांगी गई है। जो बुखार पीड़ित हैं उनका उपचार कराया जा रहा है।
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डा. अमिता सिंह, सीएमओ, संभल।
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