फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गाजेबाजे के साथ निकली स्वचलित झांकियों वाली श्रीगणेश रथयात्रा

विज्ञापन
चंदौसी की गणेश रथयात्रा में शामिल श्रीगणेश जी की झांकी। - फोटो : CHANDAUSI
विज्ञापन
चंदौसी। देश में सबसे बड़ी स्वचालित गणेश रथयात्राओं में गिनी जाने वाली चंदौसी की गणेश रथयात्रा पूरे शानोशौकत और गाजेबाजे के साथ निकाली गई तो आस्था मनभावन झांकियों को निहारने के लिए सड़कों पर उतर पड़ी। ढ़ोल ताशों के गूंज के बीच गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रथयात्रा आगे बढ़ती रही तो शहर में लोगों ने फूल वर्षा कर स्वागत किया।
विज्ञापन

गणेश मंदिर पर शाम को साढ़े चार बजे बदायूं की सांसद डा. संघ मित्रा मौर्या ने संस्थापक डा.गिरिराज किशोर, केंद्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर, डा.सत्यपाल, पूनम अरोरा, सुधीर मल्होत्रा व मेला कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में फीता काटकर शुभारंभ किया। गणेश मंदिर जाकर डा.मौर्या ने दर्शन किए। इसके बाद अतिथियों के मंच पर बैठाया गया। संचालन अ रविंद गुप्ता व प्रभात कृष्ण ने संयुक्त रूप से संभाला।
इसमें मंडलायुक्त यशवंत राव, पुलिस महानिरीक्षक रमित शर्मा, जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह, पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद, एडीएम लवकुश त्रिपाठी, एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित, डीएफओ डीके चतुर्वेदी आदि कई अधिकारियों के अलावा डा. गिरिराज किशोर, मंजू दिलेर, परमेश्वर लाल सैनी, राजेश शंकर राजू, पालिकाध्यक्ष इंदूरानी, कवि माधव मिश्र, डा.जयशंकर दुबे मंचासीन हुए। मेला पदाधिकारियों को सभी अतिथियों को माल्यार्पण कर पटका पहनाकर स्वागत किया। लाल मोहम्मद शास्त्री, हाजी इस्तियाक बेग, फहीमुद्दीन आदि ने चार क्विंटल के मोदक से श्रीगणेश का भोग लगाया।
विज्ञापन

इसके बाद एक के बाद एक झांकियों का गजानन हाल से बाहर आना शुरू हुआ। विभिन्न राज्यों से आए कई प्रसिद्ध बैंडबाजे सीता रोड से हर एक झांकी के बाद एक एक करके शामिल होते जा रहे थे।
हरद्वारी लाल मिश्रा के नेतृत्व में संकीर्तन मंडली शामिल हुई। सबसे पहले ढ़ोल ताशे, सजेधजे ऊंट व हाथी, गुड्डा के बाद साई पालकी, तिरुपति बाला जी, म्यूजिकल भक्ति गीत, मीरा बाई, सूपड़खा, भैरो नरेश, राम रावण युद्ध, देवी अहिल्या, गायत्री माता, कार्तिकेय, मां दुर्गा, भगवान शनि के बाद श्रीगणेश, नृत्य करते शंकर, हनुमान जी, महाकाल की पालकी, गणेश जी की दूसरी झांकी, वृंदावन के कलाकारों द्वारा हरे रामा हरे कृष्णा की संकीर्तन और सबसे अंत में महाप्रभु श्रीगणेश का रथ चल रहा था। रथयात्रा में हर झांकी एक से बढ़कर एक दिखी।
रथयात्रा ने सर्व धर्म संभाव के साथ कई संदेश दिए। रात्रि करीब साढ़े आठ बजे महाप्रभु गणेश के रथ की परंपरानुसार जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह व पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद द्वारा महाआरती की गई। इसमें अन्य अधिकारी भी शामिल रहे। रथयात्रा सीता रोड, मनिहार चौक, बिसौली गेट, पुरानी पैठ, बड़ा बाजार, घंटाघर, फड़ियाई बाजार, ब्रह्म बाजार, कैथल गेट नाले पर होकर गणेश मेला ग्राउंड पहुंची।
मुख्य रूप से मनोज कुमार मीनू, हरिगोपाल, पीके अग्रवाल, विनय सराफ, प्रजीत लालू, लोकेंद्र शर्मा, डा.टीएस पाल, डा.राजीव, फूल प्रकाश वार्ष्णेय, शशिकांत गुप्ता, ललित किशोर, रविंद्र कुमार रूपी, कमलेश चौधरी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें